हिमाचल सरकार ने निजी भूमि की खरीद पर स्टांप शुल्क को इतने फीसदी घटाया, अधिसूचना जारी
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हिमाचल सरकार ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत किसी परियोजना को शुरू करने के लिए निजी भूमि की खरीद पर स्टांप शुल्क को तीन फीसदी घटा दिया है। इस बारे में प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा ने अधिसूचना जारी कर दी है।
अब तक इस योजना के लाभार्थियों के लिए निजी भूमि की खरीद का स्टांप शुल्क छह प्रतिशत था। इसे तीन प्रतिशत घटाकर तीन फीसदी ही किया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने बजट भाषण में भी यह घोषणा की थी।
इसके बाद इसे मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचित कर दिया गया है। अधिसूचना को राजपत्र में प्रकाशित करने के बाद इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया है।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का दायरा बढ़ा चुकी है सरकार
हाल ही में सरकार ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का दायरा भी बढ़ा दिया है। कैबिनेट ने इस योजना का लाभ लेने के लिए 35 साल की अधिकतम आयु को बढ़ाकर 45 साल कर दिया है। राज्य में औद्योगिक विकास बढ़ाने और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना शुरू की गई है।
योजना के तहत 40 लाख के ऋण पर 25 फीसदी से 30 फीसदी की दर से पूंजी अनुदान दिया जा रहा है। बैंक ऋण पर पांच फीसदी की दर से तीन साल के लिए ब्याज अनुदान मिलेगा। उद्योग की स्थापना के लिए औद्योगिक क्षेत्रों और बस्तियों में 25 फीसदी की दर से भूमि आवंटन होगा।
योजना के तहत युवा अपनी रुचि, हुनर, निवेश क्षमता, तकनीकी ज्ञान, अनुभव तथा मार्केटिंग संभावना के आधार पर यह तय कर सकेंगे कि क्या व्यवसाय शुरू करना है।
फाइलों का झमेला कम नहीं, इसलिए आगे नहीं आ रहे युवा
इस योजना के तहत बेशक स्वरोजगार देने के बड़े-बड़े़ दावे किए जा रहे हों, मगर इसमें भी फाइलों का झमेला इतना है कि युवा इस योजना का लाभ उठाने के लिए आगे ही नहीं आ रहे हैं। ऐसे में नाममात्र के लोग ही इस योजना का लाभ ले पाए हैं।