स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली और सरकार ने कर डाला ये कारनामा
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प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और प्रिंसिपलों के पद रिक्त चल रहे हैं लेकिन प्रदेश सरकार ने कुद ऐसा कर दिया जो कि हैरान कर देने वाला है। सरकारी स्कूलों में गिरते शिक्षा के स्तर और खराब परीक्षा परिणाम के लिए पर्याप्त शिक्षक न होना एक बड़ा कारण माना जा रहा है। इसके बावजूद सरकार ने कई शिक्षकों को अफसर बना दिया है।
प्रदेश में कई शिक्षक जिला स्तर के कार्यालयों में तो कई शिक्षा निदेशालय में ड्यूटी दे रहे हैं। करीब एक दर्जन शिक्षकों को प्रारंभिक और उच्च शिक्षा निदेशालय में सहायक निदेशक और उपनिदेशक के पद पर तैनाती दी गई है। इनके अलावा सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय
माध्यमिक शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत भी कई शिक्षक राज्य परियोजना कार्यालय में तैनात हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है सरकार स्वयं प्रदेश में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए कितनी गंभीर है? शिक्षकों का डेपुटेशन रद्द करने का फैसला लेने वाली सरकार को इस संदर्भ में भी विचार करना चाहिए।
डेपुटेशन रद्द करने के उपनिदेशकों को आदेश जारी
प्रारंभिक और उच्च शिक्षा निदेशालय में अतिरिक्त निदेशकों के कई पद सृजित किए गए हैं। इन पदों पर प्रिंसिपलों को तैनाती दी गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के एक कमरे में ही चार-पांच अतिरिक्त निदेशक बिठा दिए गए हैं। इनके अलावा उच्च शिक्षा निदेशालय में भी अतिरिक्त निदेशकों की फौज तैनात की गई है।
इन पदों पर भी स्कूल प्रिंसिपलों को ही नियुक्त किया गया है। कई शिक्षक भी शिक्षा निदेशालय में ड्यूटी दे रहे हैं। जिलों में स्थित उपनिदेशक कार्यालयों में भी सरकार ने कई शिक्षकों को तैनात किया हुआ है। शिक्षकों की गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाई गई ड्यूटी का खामियाजा सरकारी स्कूली के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
ऊंची पहुंच रखने वाले शिक्षक राजधानी शिमला और जिला मुख्यालयों में रहने के लिए गैर शिक्षक कार्यों में अपनी ऐडजस्टमेंट करवा रहे हैं। इस बाबत अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान का कहना है कि इस मामले को लेकर शिक्षा निदेशालय से रिपोर्ट तलब की जाएगी।
प्रारंभिक शिक्षा और उच्च शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों को डेपुटेशन रद्द करने के आदेश जारी कर दिए हैं। मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री से आदेश प्राप्त होने के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा ने दोनों शिक्षा निदेशकों को आदेशों से अवगत करवाया। बुधवार को शिक्षा निदेशालयों की ओर से जिला उपनिदेशकों को आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश दिए गए हैं।