बंदरों को मारने पर मिलने वाली पुरस्कार राशि बढ़ाने की तैयारी
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केंद्र सरकार के प्रदेश की 91 तहसीलों अथवा उप तहसीलों में बंदरों को पीड़क जंतु घोषित करने के बाद वन विभाग बंदर मारने पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में बंदर मारने पर पांच सौ रुपये देने का प्रावधान है।
दो साल में आम लोगों की ओर से सिर्फ पांच बंदर मारे जाने की सूचना सामने आई। विभाग ने केंद्र से वर्मिन मियाद को बढ़ाने की मांग की तो उन्हें खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस बार विभाग पहले से ही रणनीति बनाने में जुटा है।
विभाग के अधिकारियों की मानें तो पंचायत स्तर पर वन कर्मी लोगों को बंदरों को मारने के संबंध में जानकारी देंगे। उन्हें शिकारियों की भी जानकारी उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है।
वर्तमान में विभाग पांच सौ रुपये देता है
नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभाग प्रोत्साहन राशि को भी एक हजार तक करने पर विचार कर रहा है। पीसीसीएफ वन्य जीव सविता ने कहा कि वर्तमान में विभाग पांच सौ रुपये देता है।
अगर जरूरत हुई तो इसे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। पूर्व वीरभद्र सरकार ने शिमला नगर निगम क्षेत्र में बंदरों को वर्मिन घोषित करने के बाद मारने वाले को तीन सौ रुपये देने का एलान किया था। इस दौरान एक भी बंदर नहीं मारा गया।
इसके बाद शिमला समेत 39 तहसीलों में बंदरों को वर्मिन घोषित किया गया तो विभाग ने भी प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर पांच सौ कर दिया, लेकिन एक साल में सिर्फ पांच बंदर ही मारे गए। ऐसे में विभाग इस बार लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए बंदरों से निपटने के लिए प्रोत्साहित करने पर विचार कर रहा है।