आईएएस अफसरों को अब देना होगा ये सुबूत, तभी मिलेंगे लाभ
कैपिटल ट्रेजरी में खुद के जिंदा होने के सबूत दें और बढ़ी हुई पेंशन ले जाएं। यह प्रमाण पत्र हर साल जुलाई और अगस्त महीने में कैपिटल ट्रेजरी में देना होगा। हिमाचल सरकार ने यह आदेश सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों के मामले में जारी किए हैं।
कई रिटायर अफसरों ने पेंशन भत्ता न देने का मामला उठाया, क्योंकि उन्हें सेंट्रल पेंशन एकाउंटिग ऑफिस (सीपीएओ) नई दिल्ली की ओर से बैंकों के माध्यम से बढ़ी हुई पेंशन नहीं दी जा रही थी। अब राज्य सरकार ने यह व्यवस्था की है कि बढ़ी हुई पेंशन का लाभ लेने के लिए कैपिटल ट्रेजरी से ही पेंशन ड्रॉ की जाए।
इसी में जीवन प्रमाणपत्र भी जमा किए जाने जरूरी किए गए हैं। हिमाचल सरकार में सेवाएं देने वाले आईएएस अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद तीन बार पेंशन भत्ते का लाभ दिया जा रहा है। यह फायदा 65, 70 और 75 साल में दिया जाता है।
इसे 5, 10 और 15 फीसदी की दर से मूल वेतन में बढ़ोतरी के रूप में दिया जाता है। यानी 65 साल की उम्र में मूल वेतन का पांच फीसदी, 70 साल की उम्र में मूल वेतन का 10 फीसदी और 75 वर्ष की आयु में मूल वेतन का 15 प्रतिशत बढ़ोतरी लाभ दिया जाता है।
मगर जो रिटायर आईएएस अधिकारी हिमाचल से बाहर से बैंकों के माध्यम से पेंशन निकाल रहे हैं, उन्हें पिछले काफी समय से यह लाभ नहीं दिया जा रहा है। इन रिटायर अधिकारियों ने अपने साथ हो रहे भेदभाव का मामला उठाया तो अब नई व्यवस्था की गई है कि इस तरह के मामलों में अब पेंशन कैपिटल ट्रेजरी से ही ड्रॉ करनी होगी, वहां पर ही हर साल जीवन प्रमाणपत्र भी देना होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अनिल खाची की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।