आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं को तोहफा देने की तैयारी में सरकार
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कुल्लू के देव सदन में मुस्कान/बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत आयोजित जागरूकता कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल डा. धनीराम शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय पड़ोसी राज्यों के बराबर करने पर विचार कर रही है। बहुत जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। प्रदेश में इस वक्त 38 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं हैं।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी प्राचीन भारतीय संस्कृति और सभ्यता से दूर हो रही है। इसलिए युवाओं को भारतीय परंपराओं और रीति-रिवाजों के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए। महिलाओं से भेदभाव व अन्य कुरीतियों को खत्म करने के लिए समाज के प्रत्येग वर्ग को आगे आना चाहिए। इसके अतिरिक्त महिला सशक्तिकरण के लिए आम जनता में जागरूकता अति आवश्यक है।
महिलाओं से भेदभाव व कुरीतियां खत्म को आगे आएं लोग
इस मौके पर चिकित्सा अधिकारी डा. रमेश चंद गुलेरिया ने लिंग जांच एवं कन्या भ्रूण हत्या रोधी कानून पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिलाओं को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं के बारे में भी बताया। जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. ओंकार सिंह ठाकुर ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए मुस्कान योजना के तहत जिला में किए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कर्नल डा. शांडिल ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से ग्यारह हजार रुपये देने की घोषणा की।
इस मौके पर कर्नल डा. शांडिल ने बेटियों की माताओं को बधाई पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यशाला में प्रदेश कांग्रेस महासचिव सुंदर सिंह ठाकुर, एडीसी राकेश शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी प्रताप नेगी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।