हड़ताली एंबुलेंस कर्मियों को बर्खास्त करने की तैयारी, एस्मा लगाने के निर्देश
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हिमाचल सरकार ने हड़ताली 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। पिछले तीन दिन से मनमानी पर उतारू 108 एंबुलेंस का संचालन करने वाली जीवीके ईएमआरआई कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार ने सख्ती कर दी है।
चार जिलाें चंबा, सिरमौर, शिमला और सोलन में कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इन जिलों में सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है। सरकार ने चारों जिलों में होमगार्ड के चालकों व अस्पतालों के पैरा
मेडिकल स्टाफ को अस्थायी रूप से तैनात कर एंबुलेंस सेवा शुरू करवा दी है। जीवीके कंपनी को भी दो दिन के भीतर दूसरे प्रदेशों से स्थायी स्टाफ लाकर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन दिन से होता रहा विवाद सुलझाने का प्रयास
सूत्रों के अनुसार पिछले तीन दिन से स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस कर्मचारियों और कंपनी के बीच मध्यस्थ बन विवाद सुलझाने का प्रयास कर रहा था। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य से लेकर एनएचएम के मिशन निदेशक तक कर्मचारियों से बात कर उनकी मांगों पर सुनवाई करते हुए बीच का रास्ता
निकालने का प्रयास करते रहे। बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात के बाद हड़ताली कर्मियों ने आश्वासन तो दिया लेकिन सचिवालय से बाहर निकलते ही फिर से नारेबाजी करते हुए हड़ताल जारी रखने की घोषणा कर दी।
इसके बाद हड़ताल पर अड़े कर्मचारियों पर सरकार ने एस्मा लगाने की घोषणा कर दी है। दोपहर बाद चारों जिलों के उपायुक्तों ने एसपी, सीएमओ और कमांडेंट होमगार्ड के साथ बैठक की। सभी जिलों में अस्थायी तौर पर एंबुलेंसों में होमगार्ड के चालकों और अस्पतालों से पैरा मेडिकल स्टाफ लगाने के
निर्देश जारी कर दिए। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने बताया कि कंपनी को भी निर्देश दिए गए हैं कि दो दिन के भीतर दूसरे प्रदेशों से स्टाफ लाकर स्थायी व्यवस्था करे ताकि मरीजों को अस्पताल पहुंचने में दिक्कत का सामना न करना पड़े।