प्रदेश में दान में मिली जमीन नहीं बेच सकेंगे साधु संत
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साधु संत दान में मिली जमीन को नहीं बेच सकेंगे। प्रदेश सरकार ने संतों का यह आवेदन रद्द कर दिया है। राजस्व विभाग ने यह मामला पहले राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर के समक्ष रखा, इसके बाद फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई। जहां पर इस आवेदन को रद्द कर दिया गया।
सीएम कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक हिमाचल की एक नामी धार्मिक संस्था ने प्रदेश सरकार से दान में मिली जमीन को बेचने का अधिकार मांगा था। प्रदेश में जिस संस्था ने दान में मिली जमीन को बेचने की हामी भरी थी, उसके पास हिमाचल में 150 बीघा से ज्यादा जमीन है। इस संस्था ने 150 बीघा से ज्यादा 65 हेक्टेयर जमीन बेचने की अनुमति मांगी थी।
संस्था ने ये दी थी दलील
संस्था ने दलील दी थी कि उनके पास प्रदेश में काफी जमीन है, वह इस जमीन को बेचकर पैसा धार्मिक कार्यों में लगाना चाहती है। राजस्व विभाग के नियमों के मुताबिक दान में मिली जमीन को बेचा नहीं जा सकता है। सीलिंग एक्ट कहता है कि संस्था 150 बीघा से ज्यादा जमीन ले सकता है, लेकिन उसे बेचा नहीं जा सकता है।
ऐसा करने के लिए पहले सरकार को नियमों में संशोधन करना होगा। इसके बाद केंद्र सरकार से इसकी अनुमति लेनी होगी। लेकिन, सरकार ने नियमों में संशोधन करने से पहले ही फाइल में ऑब्जेक्शन लगा दिए। अब फाइल को पेंडिंग में डाल दिया गया है।