वन विभाग ने NHAI पर कसा शिकंजा, लगाया 10 लाख रुपये जुर्माना
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फोरलेन निर्माण और कुल्लू-मनाली सड़क के विस्तारीकरण कार्य के दौरान अवैध रूप से जगह-जगह मलबा डंप करने पर वन विभाग ने वन संपदा को नुकसान होने पर नेशनल हाईवे प्राधिकरण (एनएचएआई) को करीब दस लाख रुपये जुर्माना लगाया है। एनएचएआई पर शिकंजा कसते वन विभाग ने परियोजना निदेशक को कारण बताओ नोटिस भी भेजा है।
वन विभाग की सख्त कार्रवाई से निर्माण कार्य में लगी कंपनी और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। कुल्लू जिला में इन दिनों जिया से रामशिला तक फोरलेन तथा कुल्लू से मनाली तक सड़क का विस्तारीकरण का कार्य जोरों पर चला हुआ है। इस दौरान निर्माण पर लगी मशीनरी अवैध रूप मलबा हर कहीं डंप कर रही है।
हालांकि नियमानुसार मलबे को डंप करने के लिए डंपिंग साइट होना जरूरी है। धड़ल्ले से हो रही अवैध डंपिंग का मामला ध्यान में आने के बाद वन विभाग की टीम ने दौरा कर वन संपदा को हो रहे नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा हुआ पाया गया। विभागीय टीम के आकलन में 9,81,116 रुपये का नुकसान पाया गया।
तीसरी बार नोटिस हुआ जारी
इस संबंध में वन विभाग की ओर से डीएफओ कुल्लू डॉ नीरज चढ्डा ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्ट को कारण बताओ नोटिस भेजा है। नोटिस के माध्यम से एतिहात बरतने को लेकर अंडरटेकिंग भी मांगी गई है और उनके द्वारा नष्ट किए गए क्षेत्र को दोबारा सही करने के कदम उठाने के बारे में कहा गया है।
प्रशासन व वन विभाग की सख्त कार्रवाई के बावजूद एनएचएआई की ओर से धड्डले से अवैध डंपिंग जारी है। पूर्व में दो बार नोटिस दिए जा चुके हैं। जिसमें 11 लाख रुपये जुर्माना वसूल लिया गया है।
अब तीसरी बार नोटिस देते हुए करीब 10 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है। इधर, डीएफओ कुल्लू डॉ नीरज चड्ढा ने बताया कि नियमों की अनदेखी पर एनएचएआई को जुर्माना किया गया है। इस संबंध में नोटिस भेजा गया है।