हिमाचल प्रदेश: कर्मचारी ने पीड़ित की राहत राशि से काट लिया 700 रुपये टैक्सी भाड़ा
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शिमला जिले की क्यार पंचायत के वीरगढ़ में अनुसूचित जाति से संबंधित महिला को फौरी राहत और तिरपाल देने गए एक अफसर ने खेल कर दिया। महिला को प्रशासन की ओर से पांच हजार रुपये और तिरपाल देने के निर्देश जारी किए गए थे। प्रशासन की ओर से इसके लिए मौके पर एक कर्मचारी को भेजा गया।
हैरत इस बात की है कि उक्त कर्मचारी ने पांच हजार रुपये की जगह पीड़िता को 43 सौ रुपये थमा दिए। कर्मचारी ने तर्क दिया कि सात सौ रुपये टैक्सी का किराया है। जिसमें वे यहां तक पहुंचे हैं। यह सुनकर पीड़िता भी हैरान रह गई। सीपीआईएम नेता संदीप वर्मा और बालकृष्ण बाली ने इसकी शिकायत एसडीएम ठियोग से की है। एसडीएम केके शर्मा ने माना कि मामला ध्यान में आया है।
इसकी जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार को पूरी राशि दी जाएगी। बीते दिनों पीड़ित महिला के जर्जर मकान की हालत पर अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी। इसका असर हुआ और प्रशासन ने पांच हजार रुपये और तिरपाल देने का एलान किया। इस राशि के साथ एक कर्मचारी को महिला के घर भेजा गया।
कर्मचारी ने सात सौ रुपये अपनी जेब में डालते हुए महिला को 4300 रुपये थमा दिए। तर्क दिया 700 रुपये टैक्सी का किराया बना है। इस पर महिला हैरान भी रह गई।सीपीआईएम नेता संदीप वर्मा और बालकृष्ण बाली ने बताया कि अधिकारी का रवैया हैरान करने वाला है। प्रभावित को पूरी राशि दी जानी चाहिए।