हिमाचल में 5500 स्कूलों को खोलने की तैयारी, शिक्षा मंत्री ने मांगी रिपोर्ट
हिमाचल में किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा, शिमला, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा और कुल्लू जिला के दूरदराज के क्षेत्रों में 20 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 5500 स्कूलों को खोलने की तैयारी है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विभाग से इन स्कूलों की रिपोर्ट मांगी है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि इन स्कूलों में सामाजिक दूरी का पालन करवाना आसान होगा। अभी सभी विकल्पों पर विचार चल रहा है। विद्यार्थियों की अधिक संख्या वाले स्कूलों को खोलने के लिए अलग योजना बनाई जा रही है। कक्षावार स्कूल खोले जा सकते हैं। ऑड-ईवन रोल नंबर के आधार पर बच्चे बुलाए जा सकते हैं। कक्षाओं को सुबह और शाम की शिफ्ट में खोल सकते हैं। केंद्र सरकार के निर्देशों और हालात को देखते हुए ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
जून में भी स्कूल बंद रहे तो रेडियो से भी होगी पढ़ाई
जून में भी अगर स्कूल नहीं खुलते हैं तो नवीं से जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों की दूरदर्शन के साथ रेडियो से भी पढ़ाई शुरू करवाई जाएगी। ऑल इंडिया रेडियो और एफएम शिमला शिक्षा विभाग को एक-एक घंटे के दो स्लॉट देने को तैयार है। रेडियो से पढ़ाई करवाने के लिए विभाग ने कंटेंट भी तैयार कर लिया है। पूर्व की तरह व्हाट्सऐप ग्रुप और एसएमएस से भी पढ़ाई जारी रहेगी। दूरदर्शन पर भी रोजाना सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक क्लास लगाई जाएगी।
आज जारी हो सकते हैं सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के निर्देश
लॉकडाउन के चलते बंद चल रहे निजी स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेने के निर्देश मंगलवार को जारी हो सकते हैं। कैबिनेट ने शनिवार को इस बाबत फैसला ले लिया है। अब उच्च शिक्षा निदेशालय ने फीस को लेकर विस्तृत गाइड लाइन जारी करेगा। सरकार ने लाखों अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए लॉकडाउन के दौरान स्कूलों के बंद चलने तक सिर्फ ट्यूशन फीस ही निजी स्कूलों को लेने को कहा है। साल 2019 में तय की गई ट्यूशन फीस ही स्कूल ले सकेंगे।
इसमें किसी भी तरह की बढ़ोतरी करने से निजी स्कूलों को इंकार किया गया है। इसके अलावा अन्य किसी भी फंड को भी कोरोना संकट के दौरान नहीं लेने को कहा गया है। अब कैबिनेट बैठक की प्रोसिडिंग जारी होते ही उच्च शिक्षा निदेशालय फीस वसूली को लेकर गाइड लाइन तय करेगी। सभी निजी स्कूलों को यह गाइडलाइन भेजी जाएगी। प्रदेश शिक्षा बोर्ड से संबंध स्कूलों के अलावा सीबीएसई और आईसीएसई वाले स्कूल भी इसके दायरे में आएंगे। उधर, निजी स्कूल कब से फीस ले सकेंगे। इसकी जानकारी भी गाइड लाइन में स्पष्ट की जाएगी।