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किसानों-बागवानों से ठगी रोकने को कानून बनाएगी हिमाचल सरकार

Thu, 14 Feb 2019 09:05 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: ashok chauhan Updated Thu, 14 Feb 2019 09:05 PM IST
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Himachal government will make laws to save farmers from fraud
- फोटो : डेमो

किसानों-बागवानों से ठगी रोकने के लिए प्रदेश सरकार जल्द ही कानून तैयार करेगी। इसके अलावा बाहरी राज्यों से आकर फल-सब्जी खरीदने वाले कमीशन एजेंटों से बैंक गारंटी ली जाएगी। उनसे पैन और आधार नंबर भी लिए जाएंगे। विधायक बलवीर वर्मा द्वारा किसानों-बागवानों को कमीशन एजेंटों से बचाने को ठोस नीति बनाने की मांग को लेकर लाए गए प्रस्ताव का कृषि मंत्री की जगह जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने यह जानकारी दी।

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ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि इस मामले को लेकर सरकार गंभीर है। कमीशन एजेंटों से की गई ठगी के 101 मामले सामने आए हैं। 13 लाख की रिकवरी हो गई है। करीब दो करोड़ की रिकवरी होना शेष है। उन्होंने बताया कि नए कानून के तहत सभी कमियों को दूर किया जाएगा। जो विधायक बागवान हैं, उनसे भी कानून बनाने के लिए सुझाव लिए जाएंगे।
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मंत्री के जवाब से संतुष्ट होकर विधायक बलवीर वर्मा ने संकल्प वापस लिया। उधर, इससे पूर्व चर्चा में भाग लेते हुए विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि प्रदेश में पांच हजार करोड़ की सेब आर्थिकी है। लेकिन कमीशन एजेंटों के कारण बागवानों को ढाई हजार करोड़ का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि फसल का पूरा पैसा किसानों-बागवानों को नहीं मिल रहा है।
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कमीशन एजेंटों ने ठगे मंत्री और विधायक

Himachal government will make laws to save farmers from fraud

 कमीशन एजेंट लूट कर रहे हैं। सेब, आलू, मटर, गोभी की खेती करने वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बंगाल से आने वाले एजेंट धोखाधड़ी कर फरार हो जाते हैं। उन्हें मालूम है कि प्रदेश में उन पर कार्रवाई करने के लिए कोई नीति नहीं है। विधायक ने कहा कि अगर यह धोखाधड़ी जारी रही तो साल 2022 तो दूर कई सालों तक किसानों की आय दोगुनी नहीं होगी।

बाहरी राज्यों से आने वाले कमीशन एजेंटों ने आम किसानों-बागवानों के अलावा प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायक को भी ठगा है। मामला उठाते हुए विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि मेरे साथ भी धोखाधड़ी हुई है। विधायक के सवाल का जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि विधायक ही नहीं एक मंत्री भी ठगा गया है। मेरे साथ भी कमीशन एजेंट ने ठगी की है। इसको लेकर सदन में खूब ठहाके लगे।

पूर्व सरकारों ने समझौतों में नहीं रखा हिमाचल के हितों का ध्यान

Himachal government will make laws to save farmers from fraud

प्रदेश में नई पेयजल/सिंचाई योजनाओं को पानी लेने के लिए कई केंद्रीय एजेंसियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की छूट प्रदान करने के लिए हिमाचल सरकार नीति बनाएगी। विधायक सुखराम चौधरी द्वारा लाए गए संकल्प प्रस्ताव के जवाब में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने यह जानकारी दी। उन्होंने संकल्प प्रस्ताव को स्वीकार करने की बात कही।

मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र की पूर्व सरकारों ने नदी जल बंटवारे को लेकर राज्यों के बीच हुए समझौतों में हिमाचल के हितों का ध्यान नहीं रखा। अंतर्राज्यीय समझौतों को राज्य सरकार और विभागों को मानना पड़ रहा है। पानी को उपयोग में लाने के लिए आजादी से पहले और उसके बाद 1955, 1971, 1986 में हुए समझौतों का असर आज तक प्रदेश को उठना पड़ रहा है।

मंत्री ने बताया कि पौंग डैम से पानी को सिंचाई के लिए इस्तेमाल में लाना चाहते हैं लेकिन इसके लिए पहले उनसे एनओसी लेना अनिवार्य है। एनओसी मिल जाती है तो एफसीए का मामला योजनाओं को और अधिक लंबा खींच देता है। मंत्री ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने रेणुका बांध को लेकर पड़ोसी राज्यों के साथ हुए समझौते में हिमाचल के हितों को सुरक्षित रखा है।

अब पानी और सिंचाई की विकासात्मक योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार शीघ्र नीति बनाएगी। अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए जहां नियमों में संशोधन करने की आवश्यकता होगी सरकार नियमों में भी आवश्यक संशोधन करेगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार के लिए भी चिंता का विषय है कि अपने पानी को इस्तेमाल में लाने के लिए पहले सरकार को विभिन्न एजेंसियों से एनओसी लेनी पड़ती है।

मंत्री ने कहा कि एनओसी लेने में हो रही देरी के कारण बड़ी योजनाओं के काम को शुरू करने में लंबा समय लग रहा है, इससे परियोजनाओं की लागत बढ़ रही है। लोगों को समय पर योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे पूर्व विधायक सुखराम, राकेश पठानिया, रमेश धवाला, होशियार सिंह और अरुण कुमार ने भी प्रस्ताव की चर्चा में भाग लिया।

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