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दो साल की हुई हिमाचल सरकार, पढ़िए पूरा रिपोर्ट कार्ड

Thu, 25 Dec 2014 10:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 25 Dec 2014 10:34 AM IST
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himachal government two year review.

हिमाचल की कांग्रेस सरकार का दो साल के कार्यकाल में ज्यादा वक्त विरोधियों को चित्त करने में व्यतीत हुआ। पूर्व धूमल सरकार की ओर से दर्ज सीडी प्रकरण से लेकर एचपीसीए मामले में धड़ाधड़ मुकदमे दर्ज कराए गए।

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क्रिकेट स्टेडियम पर ताला जड़ने, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, उनके बेटे अनुराग ठाकुर और अरुण धूमल को घेरने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई। इस दौरान विजिलेंस की छानबीन का पूरा फोकस पूर्व सरकार के प्रभावशाली नेताओं के इर्द गिर्द रहा।
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सरकार के मंत्री आपस में उलझते रहे। 2014 के लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद तो दिल्ली में कुछ मंत्रियों ने लॉबिंग भी शुरू कर दी। हालांकि इस दौरान राज्य सरकार प्रदेश के खाते में तीन मेडिकल कॉलेज, एक आईआईएम, 700 नए स्कूल, 14 डिग्री कॉलेजों को खोलने, 700 डॉक्टरों, हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों की नई नियुक्ति करने में भी सफल रही।

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विपक्ष ने सरकार को खूब घेरा

himachal government two year review.

विपक्ष ने भी दो साल सरकार को कतई नहीं बख्शा। सरकार के हर कामकाज पर विपक्ष ने पैनी नजर बनाए रखी। जहां जैसे मौका लगा, वैसे ही विपक्ष ने सरकार पर वार कर दिया। सड़क से लेकर सदन तक सरकार को विपक्ष ने घेरने की पूरी कोशिश की।

विधानसभा सत्र के दौरान दो साल विपक्ष ने खूब हंगामे किए। विपक्ष के हंगामे से सरकार को लगातार तीन सत्र को अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित करना पड़ा। केवल आखिरी सत्र थोड़ा ठीक रहा, लेकिन इसमें भी विपक्ष ने सरकार को घेरने में कोई कोताही नहीं बरती।

प्रदेश सरकार के दो साल के कार्यक्रम में तबादलों का दौर जारी रहा। प्रशासनिक अफसरों से लेकर कर्मचारियों के खूब स्थानांतरण हुए। सरकार की ओर से रोक लगाने के आदेश के बावजूद हजारों की संख्या में ट्रांसफर किए गए।

सचिवालय में शायद ही ऐसा कोई मंत्री हो, जिसके कमरे में तबादले कराने वालों की लाइनें न लगती हों। इसमें स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारी सबसे अधिक शामिल हैं।

81 की उम्र में जवानों जैसा जोश

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हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह 81 साल की उम्र में भी जवानी जैसी तेजी है। विपक्ष पर वार करने से लेकर प्रदेश के तेजतर्रार मंत्रियों तक पर नकेल कसने में माहिर है।

दौरे पर दौरे से भी वह नहीं थकते। राज्य के किसी भी युवा मंत्री से प्रदेश में दौरा करने से लेकर सचिवालय में अधिक लोगों से मिलने का सिलसिला जारी रखता है।

रविवार को छोड़कर रोजाना 12 से 14 घंटे काम करते हैं। दिल्ली प्रवास को छोड़कर शायद ही ऐसा कोई दिन हो, जब वे जनता से न मिलते हों। सुबह पांच से लेकर रात दस बजे तक उनके दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। आज भी वह खुद ही नियमित अखबार पढ़ते हैं और देश दुनिया से कनेक्ट रहते हैं।

यही वजह है कि सक्रिय राजनीतिक छोड़ने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री ने कुल्लू के प्रीणी को अपना घर बनाया। वह ज्यादातर समय यही पर ही रहना पसंद करते थे। यहां के सौंदर्य और बर्फ से लदी पहाड़ियों पर उन्होंने कविताएं भी लिखी है।

इसमें नाकाम रही सरकार

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कुशल वित्तीय प्रबंधन करने में सरकार नाकाम रही, दो साल में सरकारी तंत्र से भ्रष्टाचार नहीं हो पाया खत्म।

प्रदेश के कृषि क्षेत्र में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, बागवानी आधारित उद्योगों को अभी तक बढ़ावा नहीं।

वन और वन्य जीवों को लेकर कोई खास नीति नहीं, सभी प्राथमिक स्कूलों में नहीं खुल पाया शौचालय।

सभी कॉलेजों में इंटरनेट प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं, कौशल विकास कारपोरेशन, अथारिटी का गठन नहीं।

स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त दवाईयां उपलब्ध नहीं, सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर, नर्स की तैनाती नहीं।

बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण अलग नहीं, प्रदेश के पावर प्रोजेक्ट समय पर नहीं हो रहे पूरे।

10 से अधिक आबादी वाले गांव सड़क से नहीं जुड़े पाए, परमाणू-शिमला फोरलेन का काम शुरू नहीं हो पाया।

अनुबंध कर्मी अभी भी पांच साल बाद नियमित नहीं, 250 आबादी के पंचायतों में नहीं खुले सिलाई-कढ़ाई केंद्र।

सरकार की उपलब्धियां

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हिमाचल प्रदेश में तीन नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी , शिमला के आईजीएमसी के विस्तार की स्वीकृति।

हिमाचल में एंबुलेंस सेवा की नई शुरुआत , डॉक्टरों, नर्सों और फार्मासिस्ट की नियुक्ति।

राज्य में 700 नए स्कूल, 14 डिग्री कॉलेज खोले, प्रदेश में भारतीय प्रबंधन संस्थान स्वीकृत कराया।

2300 से अधिक शिक्षकों की नई नियुक्ति कराई, प्रदेश के 600 से अधिक पैरा शिक्षक हुए नियमित।

90 दिन में उद्योगों को सिंगल विंडो से क्लीयरेंस,  दो साल में 7500 करोड़ का औद्योगिक निवेश कराया।

प्रदेश के ऊना में ट्रिपल आईआईटी खोला गया, 80 साल से अधिक उम्र के 300 लोगों को पेंशन।

राज्य के 59 हजार युवाओं को कौशल विकास भत्ता, गरीबों को मकान बनाने की मदद राशि।

75 हजार बागवानी के लिए एक हजार करोड़ की योजना मंजूर, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को विश्व धरोहर का दर्जा

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