सरकार की सद्बुद्धि के लिए 21 शास्त्री करेंगे यज्ञ, फिर गरजेंगे शिक्षक
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विधानसभा के बाहर 21 शास्त्री 27 मई को सद्बुद्धि यज्ञ करेंगे। यज्ञ के बाद राजकीय अध्यापक संघ के बैनर तले हजारों शिक्षक विधानसभा का घेराव करेंगे। सरकार ने 27 मई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। ऐसे में शिक्षकों ने अपनी मांगों को मनवाने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए इस दिन को चुना है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया है कि सरकार को भ्रमित कर रही अफसरशाही की पोल खोलने के लिए सद्बुद्धि यज्ञ करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि 18 दिसंबर 2016 को मुख्यमंत्री ने संघ की राज्य स्तरीय कार्यशाला में 21 सूत्रीय मांगपत्र
को पूरा करने की घोषणा की थी लेकिन अफसरशाही की अनदेखी के चलते छह माह बाद भी मांगों पर कोई गौर नहीं हुआ है। जिसके चलते शिक्षकों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी जानबूझ कर सरकार की किरकिरी करने के लिए शिक्षकों की मांगों को अनदेखा कर रहे हैं।
सामूहिक छुट्टी लेकर विरोध जताएं शिक्षक
वीरेंद्र चौहान ने प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों से 27 मई को विधानसभा घेराव में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि संगठनों को आपसी मतभेद भुलाकर शिक्षक हित में एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई शिक्षक शिमला नहीं आ सकते हैं तो 27 मई को छुट्टी लेकर एकजुटता दिखाएं।
अगस्त 2014 के धरने की दिलाई याद
चौहान ने बताया कि 20 अगस्त 2014 को निदेशालय में धरना और सचिवालय तक किए गए पैदल मार्च के बाद उस समय मुख्यमंत्री ने कुछ मांगे तुरंत मान ली थी और अन्य पर आश्वासन देने के बाद संघ के साथ सहयोगात्मक संबंध बनाए थे। उन्होंने शिक्षकों से एक बार फिर अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए सहयोग करने की अपील की है।