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Himachal News: सरकार ने शहरी निकायों से वापस मांगे 76 करोड़, सरकार ने बदली पुरानी व्यवस्था
Sat, 30 Sep 2023 11:16 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद, शिमला/सोलन
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद, शिमला/सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 30 Sep 2023 11:16 AM IST
सार
सरकार ने एक साथ या त्रैमासिक की जगह ग्रांट और सब्सिडी को मासिक आधार पर जारी करने का फैसला लिया है। नगर निगमों से 33.74 करोड़, नगर परिषदों से 33.30 करोड़ और नगर पंचायतों से 9.77 करोड़ वापस मांगे गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश सरकार ने शहरी निकायों पर वित्तीय शिकंजा कस दिया है। पांच नगर निगमों, 29 नगर परिषदों और 26 नगर पंचायतों से सरकार ने 76.82 करोड़ रुपये की राशि वापस जमा करवाने को कहा है। नगर निगमों, परिषदों और पंचायतों को अब हर माह छठे वित्त आयोग का अनुदान और सब्सिडी जारी की जाएगी। केंद्र सरकार की तर्ज पर हिमाचल सरकार ने पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है।
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शहरी निकायों से वापस ली जाने वाली राशि को स्टेट नोडल अकाउंट में जमा किया जाएगा। पुराने कार्यों के सही तरीके से पूरा होने के बाद मार्च 2024 तक सरकार मासिक आधार पर किस्त जारी करेगी। वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों के बाद शहरी विकास विभाग ने वार्षिक ग्रांट की 50 फीसदी राशि को वापस करने को कहा है। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए शहरी निकायों को 153.64 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
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सरकार ने एक साथ या त्रैमासिक की जगह ग्रांट और सब्सिडी को मासिक आधार पर जारी करने का फैसला लिया है। नगर निगमों से 33.74 करोड़, नगर परिषदों से 33.30 करोड़ और नगर पंचायतों से 9.77 करोड़ वापस मांगे गए हैं। जिस शहरी निकाय से जितनी राशि ली जाएगी, उसे उतनी ही राशि वापस भी मिलेगी। सरकारी धनराशि का दुरुपयोग ना हो और तय समय के भीतर पैसा खर्च हो, इसके लिए सरकार ने यह व्यवस्था बदली है।
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