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हिमाचल के इन क्षेत्रों में लगे उद्योगों को स्टेट जीएसटी में 100 फीसदी छूट

Sun, 22 Jul 2018 12:25 PM IST
दीपक मेहता, अमर उजाला, शिमला
दीपक मेहता, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 22 Jul 2018 12:25 PM IST
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Himachal government declares 100 percent waiver on state GST for industry in remote area

सरकार ने प्रदेश में स्थापित औद्योगिक इकाइयों को राज्य जीएसटी में 20 से लेकर 100 फीसदी तक की छूट दी है। 1 अप्रैल 2018 के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में जो औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं, सरकार ने इसी माह मंत्रिमंडल की बैठक में लिए फैसले में इन औद्योगिक इकाइयों को राज्य जीएसटी में वार्षिक प्रतिपूर्ति में छूट दी है।

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‘सी’ श्रेणी में ट्राइबल ब्लॉक की बैकवर्ड पंचायतों में स्थापित उद्योगों को दस साल के लिए सौ फीसदी स्टेट जीएसटी में छूट को मंजूरी दी है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के मुताबिक सरकार ने कानूनगो सर्किल, विकास खंडों और ट्राइबल ब्लॉक की बैकवर्ड पंचायतों के क्षेत्रों में स्थापित औद्योगिक इकाइयों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा है।
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इसमें ‘ए’ श्रेणी के क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाइयों को पांच साल के लिए 20 फीसदी, ‘बी’ श्रेणी में आठ साल के लिए 50 फीसदी वार्षिक प्रतिपूर्ति की मंजूरी दी है। सी श्रेणी में सौ फीसदी की छूट दी है।
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‘ए’ श्रेणी में सिरमौर जिले की कानूनगो सर्किल माजरा और औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब में आने वाला क्षेत्र, कानूनगो सर्किल नाहन और कालाअंब के तहत आने वाला क्षेत्र, जिला सोलन में कानूनगो सर्किल कसौली के क्षेत्र और औद्योगिक क्षेत्र परमाणु, नालागढ़ और दून के क्षेत्र और औद्योगिक क्षेत्र बरोटीवाला के सर्किल में स्थापित इकाइयों को 20 फीसदी वार्षिक प्रतिपूर्ति दी जाएगी।

सी श्रेणी में हैं पिछड़े क्षेत्रों में लगे उद्योग

Himachal government declares 100 percent waiver on state GST for industry in remote area

‘बी’ श्रेणी में विकास खंड बिलासपुर सदर, घुमारवीं, झंडूता, चंबा के भटियाल और चंबा, हमीरपुर की बिझड़ी, नादौन, भोरंज, सुजानपुर, टीहरा, बमसन, कांगड़ा जिले की रैत, नगरोटा बगवां, पंचरुखी, फतेहपुर, लंबागांव, बैजनाथ, नगरोटा सूरियां, देहरा, भवारना, परागपुर, इंदौरा, सुलह और धर्मशाला, कुल्लू जिले में नग्गर-कटराईं और कुल्लू, मंडी में

सुंदरनगर, बल्ह, गोपालपुर, द्रंग, चौंतड़ा, धर्मपुर और मंडी सदर, शिमला जिले के ठियोग, मशोबरा, जुब्बल, नारकंडा और बसंतपुर, सिरमौर में राजगढ़, सोलन जिले में कंडाघाट, कुनिहार और सोलन के अलावा ऊना, अंब, गगरेट, हरोली और ढुढला के क्षेत्रों को आठ साल के लिए 35 फीसदी की छूट होगी।

सी श्रेणी में हैं पिछड़े क्षेत्रों में लगे उद्योग- ‘सी’ श्रेणी में चंबा जिले के ट्राइबल ब्लॉक की बैकवर्ड पंचायत में भरमौर, पांगी, तीसा, सलूणी और मैहला, किन्नौर की कल्पा, पूह और निचार, कुल्लू की आनी, निरमंड और बंजार क्षेत्र में लगे उद्योग शामिल हैं।

लाहौल, केलांग, स्पीति और काजा, मंडी के सराज, करसोग और गोहर, शिमला के रोहडू, चौपाल, रामपुर, ननखड़ी, सिरमौर के पच्छाद, शिलाई, संगड़ाह में स्थापित इकाइयों को दस साल के लिए सौ फीसदी की वार्षिक प्रतिपूर्ति दी गई है। 

हिमाचल में जीएसटी पंजीकरण सीमा अब 20 लाख

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जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक महिलाओं और आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी बरसात लेकर आई। महिलाओं की सेनेटरी नैपकिन को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से मुक्त कर दिया गया है, जबकि एसी, वाशिंग मशीन, टीवी, फ्रिज जैसे 17 व्हाइट गुड्स (इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों) समेत 50 से अधिक वस्तुओं का टैक्स स्लैब घटा दिया गया है।

पेट्रोल में इस्तेमाल होने वाले इथेनॉल पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस फैसले से 100 से अधिक वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। नई कर दरें 27 जुलाई से लागू होंगी। इसके अलावा हिमाचल समेत असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम और उत्तराखंड में जीएसटी पंजीकरण की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का फैसला हुआ। 

बैठक के बाद गोयल ने बताया कि सेनेटरी नैपकिन के अलावा स्टोन, मार्बल, राखी, साल के पत्ते पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा अब 500 रुपये के बजाय 1000 रुपये के फुटवियर पर ही 5 फीसदी टैक्स लगेगा।

इसी बैठक में कंपोजिशन डीलरों की सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ा कर डेढ़ करोड़ रुपये करने का फैसला हुआ। बांस की फ्लोरिंग पर जीएसटी दर 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दी गई है। हैंडबैग्स, ज्वैलरी बॉक्स, पेंटिंग के लिए लकड़ी के बॉक्स, आर्टवेयर ग्लास, हाथ से बने लैंप पर भी 18 फीसदी से टैक्स घटाकर 12 फीसदी करने का फैसला किया गया है। 

बैठक में जीएसटी रिटर्न को भी आसान बनाने पर फैसला हुआ। पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले कारोबारी को अब मासिक रिटर्न के बजाय तिमाही रिटर्न भरना होगा। परिषद ने जीएसटी कानून में प्रस्तावित बदलावों को मंजूरी दी। हालांकि इसमें चीनी पर सेस लगाने का फैसला समूह की केरल में होने वाली अगली बैठक में किया जाएगा। 

28 से 18 फीसदी टैक्स स्लैब में आने वाली वस्तुएं- एसी, वाशिंग मशीन, 68 सेमी टीवी, फ्रिज, वीडियो गेम्स, लिथियम आयन बैटरी, आइसक्रीम कूलर, परफ्यूम, वैक्यूम क्लीनर, पेंट, वार्निश, वॉल पुट्टी, चमड़े की वस्तुएं, वाटर कूलर, मिल्क कूलर, जूसर मिक्सर ग्राइंडर, इलेक्ट्रिक आयरन, वाटर हीटर, हेयर ड्रायर

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