नए साल में नई सरकार से जनता को कई उम्मीदें, बेरोजगारों को नौकरी की आस
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प्रदेश की जनता को नई सरकार से नए साल में ढेरों उम्मीदें हैं। भाजपा की जयराम ठाकुर सरकार ने नए साल के ठीक पांच दिन पहले सत्ता संभाली है। अब जनता भाजपा सरकार के चुनाव से पहले किए वायदों पर अमल चाहती है।
बुजुर्ग निशुल्क तीर्थ यात्रा तो युवाओं को रोजगार, महिलाओं को मजबूत कानून व्यवस्था, किसान दो के बजाय चार गुना मुआवजा की आस में हैं। स्कूली छात्रों के लिए वर्दी के साथ बस्ता और जूते देने का भी वायदा किया है।
जनता सरकार के खर्च को कम करने वाला व्यय नियंत्रण आयोग के साथ वित्तीय सुधारों पर नजरें गड़ाए हुए हैं। भाजपा ने वायदों को अपने दृष्टि पत्र में भी शामिल किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दृष्टि पत्र को सरकारी दस्तावेज बनाए जाने की बात कही है।
हिमाचल के शीतकालीन स्कूल मार्च में खुलेंगे। सरकार ने वर्दी के टेंडर करने के लिए विभाग को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि वर्दी का कौन सा डिजाइन छात्रों के लिए सही रहेगा।
यही नहीं, सरकार की छात्रों को बस्ता और जूते देने की बारी भी है। इसके अलावा हिमाचल में 61 नेशनल हाईवे का निर्माण होना है। इसमें किसानों की जमीनें एनएच की भेंट चढ़ रही हैं।
लोगों को पटवार सर्किल के चक्कर से मिलेगा छुटकारा
अभी किसानों को दो गुना मुआवजा राशि मिलती रही है। ऐसे में उम्मीद है कि सरकार की ओर से किसानों को चार गुना मुआवजा राशि मुहैया हो सकेगी।
इसके साथ ही हिमाचल में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिलों में महिला थानों के साथ गुड़िया और होशियार सिंह के नाम पर हेल्पलाइन की सुविधा भी नए साल में मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत राज्य के 18 से 60 वर्ष तक के लोगों को 2 लाख तक का आकस्मिक बीमा कवर, गरीब लोगों के अस्पतालों में निशुल्क चिकित्सा सुविधा और कॉलेजों में छात्रों को रूसा प्रणाली खत्म करने का तोहफा मिल सकता है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि 800 से अधिक सेवानिवृत्त पटवारियों को भले ही बाहर का रास्ता दिखा दिया हो लेकिन अब सरकार पटवारियों और कानूनगो के रिक्त पदों को भरेगी।
कोई भी ऐसा सर्किल नहीं होगा, जहां पटवारी और कानूनगो उपलब्ध न हों। नए साल में इस योजना के सिरे चढ़ने से लोगों को राहत मिलेगी।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जाना है। उम्मीद है कि केंद्र से राशि मुहैया होने के बाद सूबे के 700 से अधिक गांवों के लिए सड़कों का निर्माण हो सकेगा।