पूर्व सीएम ने मोदी को लिखा पत्र, 'सीबीआई से करवाएं मेरी संपत्ति की जांच'
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आरोप-प्रत्यारोपों के बीच नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखकर अपनी संपत्ति की जांच सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से करवाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि अगर उनके पास आय से अधिक संपत्ति है तो इसे जब्त कर उन्हें कानूनन सजा दिलाई जाए।
अगर ऐसे आरोप गलत साबित होते हैं तो दुष्प्रचारकों पर कार्रवाई की जाए। अपने पत्र में धूमल ने कहा है कि काफी लंबी प्रतीक्षा और गहन विचार करने के बाद ही वह यह पत्र भेज रहे हैं। इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए जांच को उचित माध्यम से शीघ्र करवाएं, जिससे भ्रांतियां न फैलें।
तथाकथित संपत्तियों की सूची भी भेजी
धूमल का यह पत्र रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय की ओर से मीडिया को भी जारी किया गया। इसमें धूमल ने नरेंद्र मोदी को कहा है कि वह लगभग 35 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हैं। स्वयं प्रधानमंत्री उन्हें लगभग 22 वर्षों से जानते हैं। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में भी उन पर अनर्गल आरोप लगाए गए। तब कांग्रेस के तीन नेताओं पर मानहानि का दावा किया गया था। उनमें से एक पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस पर अदालत में लिखित तौर पर खेद भी प्रकट किया है।
दो अन्य कांग्रेस नेताओं पर मुकदमे चल रहे हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ऐसे ही निराधार आरोपों की सूची हिमाचल के लोकायुक्त को भी भेजी। लोकायुक्त ने उसे निराधार पाकर रद्द किया था। अब सूची हिमाचल के एडीजीपी विजिलेंस को भेजी गई है। इसी सूची के आधार पर मुख्यमंत्री, विजिलेंस के प्रवक्ता और अधिकारी उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। धूमल ने कहा कि वे तथाकथित संपत्तियों की सूची वाले पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री को संलग्न कर रहे हैं।
वीरभद्र और शांता की संपत्ति की जांच भी मांगी
धूमल ने पत्र में कहा कि प्रदेश में अब तक पांच मुख्यमंत्री रहे हैं। पहले और दूसरे मुख्यमंत्री का देहांत हो चुका है। तीसरे मुख्यमंत्री शांता कुमार, चौथे वीरभद्र सिंह और पांचवें वह खुद रहे हैं।
इस बात की जांच करवाई जाए कि मुख्यमंत्री बनने से पहले हम तीनों परिवारों की क्या-क्या संपत्ति थी और अब कितनी संपत्ति है। कुछ लोग अपनी ईमानदारी का स्वयं ढिंढोरा पीटते रहते हैं।
कुछ को उनकी खामोशी की सजा मिलती है। तीनों की जांच हो जाएगी तो लोगों के सामने सभी तथ्य आ जाएंगे और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।