आपदा के जख्म: टूट गए सपने, आंखों के सामने मलबे में दब गए अपने, छाती पीट-पीट कर मदद के लिए पुकारते रहे लोग
मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए असहाय परिजन छाती पीट पीट कर मदद को पुकारते रहे। सराज क्षेत्र में 6 लोगों की मौत होने से एकाएक सनसनी फैल गई। आंखों के सामने अपने परिवार के सदस्यों को मलबे में दबता देख हर कोई चीखें मारकर मदद के लिए पुकारता रहा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मंडी जिले की सराजघाटी में आसमान से बरसी आफत ने लोगों के घरों पर ऐसा कहर बरपाया कि डर से घरों में दुबके लोगों की आंखों से आंसू निकाल दिए। लोगों के सपने पलभर में चकनाचूर हो गए। सराजघाटी की आधा दर्जन पंचायतों में बरसात ने जमकर तबाही मचाई। इस दौरान सराज की धरती चीखो पुकार से धधक उठी। सड़कों और मोबाइल का संपर्क टूटने के साथ मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए चारों ओर हाहाकार मचा रहा।
मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए असहाय परिजन छाती पीट पीट कर मदद को पुकारते रहे। सराज क्षेत्र में 6 लोगों की मौत होने से एकाएक सनसनी फैल गई। आंखों के सामने अपने परिवार के सदस्यों को मलबे में दबता देख हर कोई चीखें मारकर मदद के लिए पुकारता रहा। मोबाइल सिग्नल टूटने से लोग झट से मदद के लिए संपर्क तक नहीं कर पाए। कुकलाह, अनाह, जैंशला, कलहनी और झौट पंचायतों में आसमान से बरसी आफत ने पल भर में लोगों के मकान मलबे में तब्दील कर दिए। इससे घरों में बैठे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। बारिश में मवेशियों को चारा डालने गई हलेन की ताई और भतीजी मलबा गिरने से दब गईं।
वहीं, डगैल में नाना- दोहती परमानंद और गोपी भी जब मलबे में दबे तो परिजन बचाव के लिए फूट-फूट कर रोए। सोशल मीडिया में घटनाओं की खबरें फैलते ही लोग अपने-अपने रिश्तेदारों की खोज खबर में जुट गए। गांव वालों की मदद से पीड़ित लोगों ने मलबे में दबे शव बाहर निकाले। प्रशासन की ओर से सभी मृतकों को 25 -25 हजार रुपये प्रदान कर दिए हैं। घटना पर कांग्रेस विचार विभाग के चेयरमैन विजय पाल सिंह, जगदीश रेड्डी और अन्य नेताओं ने गहरा दुख जताया है।
कहीं जुंगर खड्ड में तो नहीं समा गईं मलबे के साथ बहीं ताई और भतीजी
जैंशला पंचायत के हलेन गांव से भारी बारिश से हुआ भूस्खलन क्षेत्र में तबाही मचा गया। ताई पूर्णा और भतीजी ममता आंख झपकते ही भारी भरकम मलबे में ऐसे बह गई, जैसे मानों मौत उन्हें उड़ा कर ले गई। दोनों के मलबे में बहने की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण हलेन से आए और मलबे में उन्हें घंटों ढूंढते रहे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। पंचायत प्रधान गिरिराज ने बताया कि पहाड़ी से और मलबा आने के डर से ग्रामीणों को सर्च अभियान बंद करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि सड़क अवरुद्ध होने से प्रशासन और पुलिस गांव तक नही पहुंच पाए। उन्होंने बताया कि आसपास बहुत नाले उफान पर हैं। जिसका पानी जुंगर खड्ड में जाकर मिलता है। प्रधान ने बताया कि हो सकता है शव बहते हुए जुंगर खड़ में समा गए हो। उधर, जैंशला पंचायत में भारी लैंड स्लाइड होने से लोगों में सनसनी का माहौल है। क्षेत्र वासी दहशत में हैं। प्रधान गिरिराज ने बताया कि एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी वीरवार तक घटनास्थल तक सड़क बहाल होने के बाद पहुंच सकते हैं।