गांव में घुसी मादा तेंदुआ, मची अफरातफरी जो रास्ते में आया उसका लगा नंबर
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हिमाचल के जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा के उपरला धुंदला गांव में रविवार सुबह एक मादा तेंदुआ घुस आई। लोगों में अफरातफरी के बीच तेंदुआ ने दो घरों में घुसकर तीन साल के बच्चे समेत पांच लोगों को घायल कर दिया। रास्ते में दूध लेकर जा रही महिला पर भी तेंदुआ ने हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया।
इसी बीच, लोगों ने तेंदुआ को घर में बंद कर दिया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने हमीरपुर से ट्राइकुलाइजर गन और गाड़ी मंगवाई। करीब चार घंटे बाद तेंदुआ को बेहोश कर काबू किया गया। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह छह बजे सुखदेव सिंह घर के परिसर में नल से पानी भर रहे थे।
घात लगाकर बैठी मादा तेंदुआ ने उन पर हमला कर दिया। सुखदेव की चीख पुकार सुनकर लोग जुट गए। लोगों को देख तेंदुआ घर के रसोई घर में घुस गई। यहां दिनेश कुमार अपने तीन साल के बेटे गौरव के साथ बैठे थे। तेंदुआ ने गौरव की टांग को अपने जबड़ों में जकड़ लिया और बाहर घसीटने लगी।
दूध लेकर जा रही महिला को भी किया लहूलुहान
दिनेश ने बेटे को बचाने की कोशिश की तो तेंदुआ ने उन पर भी हमला कर दिया। बाप-बेटे को बचाकर लोगों ने जैसे-तैसे तेंदुए को वहां से खदेड़ा। यहां से निकल कर तेंदुआ ने दूध लेकर जा रही सुदेश कुमारी पर हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया।
इसके बाद तेंदुआ एक और घर में घुस गई और वंदना कुमारी पर हमला बोल दिया। लेकिन इस बार उन्होंने बड़ी होशियारी से तेंदुआ को घर के भीतर बंद कर दिया।
ये हुए घायल
सुखदेव सिंह (62) पुत्र उद्यम सिंह
वंदना देवी (21) पुत्री राकेश कुमार
सुदेश कुमारी (47) पत्नी नरेश कुमार
दिनेश कुमार (32) पुत्र सुंदर सिंह
गौरव (3) पुत्र दिनेश कुमार
गोपालपुर चिड़ियाघर भेजी जाएगी तेंदुआ
सूचना मिलते ही एडीएम सुखदेव सिंह, एसडीएम बंगाणा संजीव धीमान, एएसपी दिनेश कुमार, डीएसपी अजय राणा, डीएफओ यशुदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
डीएफओ यशुदीप सिंह ने बताया कि बेहोश करके मादा तेंदुआ को जिंदा पकड़ा है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ को अब पालमपुर के गोपालपुर चिड़ियाघर भेजा जा रहा है।
तेंदुओं के हमले में हर साल हो रहीं दो से तीन मौतें
हिमाचल में तेंदुओं के हमलों से हर साल दो से तीन लोगों की मौत हो रही है। इस साल भी तेंदुए के हमले से दो लोगों की मौतें हुई हैं। ये किन्नौर के रिब्बा में हुई हैं। तेंदुओं को जंगलों में आसानी से शिकार नहीं मिलने के कारण वे मानव बस्तियों की ओर उतर आए हैं।
हिमाचल प्रदेश वन विभाग के प्रधान मुख्य अरण्यपाल डा. जीएस गोराया ने इस आंकड़े की पुष्टि की है। गोराया ने लोगों को सलाह दी कि वे तेंदुओं के हमलों से खुद ही बचाव करें। ऐसी जगहों पर न जाएं, जहां पर तेंदुओं को देखा गया हो।