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हिमाचल: जलाशयों में 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध, नियमों की अवहेलना करने पर होगी कार्रवाई

Tue, 17 Jun 2025 01:32 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Tue, 17 Jun 2025 01:32 PM IST
सार

प्रदेश के जलाशयों में 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। विभाग ने प्रतिबंध को लेकर व्यापक प्रबंध किए हैं।

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Himachal: Fishing banned in reservoirs till August 15, action will be taken for violating the rules
मछली पकड़ने पर प्रतिबंध - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। विभाग ने प्रतिबंध को लेकर व्यापक प्रबंध किए हैं। यदि इस दौरान कोई मत्स्य आखेट करते पकड़ा जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग प्रतिवर्ष सामान्य जलाशयों में दो माह के लिए मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है, क्योंकि इस अवधि में अधिकतर महत्वपूर्ण प्रजातियों की मछलियां प्राकृतिक प्रजनन करती हैं जिससे इन जलाशयों मे स्वत मछली बीज संग्रहण हो जाता है। प्रदेश के जलाशयों में मत्स्य धन संरक्षण के लिए विशेष कर्मचारी बल तैनात कर शिविर लगाए जाते हैं।

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निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य पवन कुमार ने बताया कि इस साल बिलासपुर में 20 (गोबिंद सागर में 17 और कोल डैम में 3) और एक उड़न दस्ता, पौंग डैम में 17 शिविर और एक उड़नदस्ता, चंबा में 5 शिविर (चमेरा में 3 और रणजीत सागर में 2 शिविर और एक उड़न दस्ता गठित किया गया है। ये कर्मचारी जल व सड़क दोनों मार्गों से गश्त कर मत्स्य धन की सुरक्षा करते हैं। इस अवधि में प्रदेश के सामान्य जलायशों में किसी भी प्रकार के मछली शिकार व बिक्री पर पूर्णत प्रतिबंध रहेगा। विभाग ने सभी से आग्रह किया है कि किसी भी प्रकार के अवैध मत्स्य आखेट में शामिल न हो अन्यथा अगर कोई पकड़ा जाएगा तो अधिकतम तीन साल की कैद अथवा पांच हजार तक का जुर्माना या दोनों एक साथ का भी नियमों में प्रावधान है। प्रतिबंधित अवधि में जाल से आखेट करने पर यह गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।

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13 हजार मछुआरे करते हैं मछली पकड़ने का कार्य
प्रदेश के जलाशयों, सामान्य नदी-नालों और इनकी सहायक नदियों में करीब 13 हजार मछुआरे मछली पकड़ कर अपनी रोजी-रोटी कमाने में लगे हैं। वर्तमान में प्रदेश के पांच जलाश्यों गोबिंद सागर, पौंग, चमेरा, कोलडैम और रणजीत सागर जिनका क्षेत्रफल 43,785 हेक्टेयर के करीब है, में 6300 से अधिक मछुआरे मछली पकड़ने का कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के सामान्य जलाशयों में ट्राउट जलों के अतिरिक्त जिसकी लंबाई 2400 किमी के लगभग है। 

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