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उज्ज्वला-गृहिणी योजना: हिमाचल बना देश का पहला एलपीजी युक्त और धुआं मुक्त राज्य
Sun, 02 Jan 2022 07:30 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 02 Jan 2022 07:30 PM IST
सार
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से उज्ज्वला योजना के तहत 21.81 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश में 1.36 लाख नि:शुल्क घरेलू रसोई कनेक्शन दिए गए, जबकि प्रदेश सरकार की गृहिणी सुविधा योजना के तहत करीब 120 करोड़ रुपये खर्च कर 3.23 लाख गृहिणियों को मुफ्त गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र सरकार की उज्ज्वला और प्रदेश सरकार की गृहिणी सुविधा योजना की बदौलत हिमाचल प्रदेश देश का पहला एलपीजी युक्त और धुआं मुक्त राज्य बन गया है। लकड़ी से चूल्हा जलाते समय धुएं से होने वाली गंभीर बीमारियों से महिलाओं को निजात दिलाने के लिए केंद्र ने उज्ज्वला योजना शुरू की थी। राज्य सरकार ने भी अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए गृहिणी सुविधा योजना शुरू की।
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सरकारी प्रवक्ता के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से उज्ज्वला योजना के तहत 21.81 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश में 1.36 लाख नि:शुल्क घरेलू रसोई कनेक्शन दिए गए, जबकि प्रदेश सरकार की गृहिणी सुविधा योजना के तहत करीब 120 करोड़ रुपये खर्च कर 3.23 लाख गृहिणियों को मुफ्त गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए।
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प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना की शुरुआत 26 मई, 2018 को हुई। पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित की जा रही इस योजना के तहत गैस कनेक्शन रहित परिवारों को एलपीजी कनेक्शन नि:शुल्क वितरित किए जा रहे हैं। योजना को शुरू करने का उद्देश्य उन परिवारों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन प्रदान करना था, जो केंद्र की उज्ज्वला योजना के दायरे में नहीं आए थे।
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उज्ज्वला योजना की तर्ज पर ही प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना शुरू की। केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही उज्ज्वला योजना और प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री गृहिणी योजना सूबे की महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं हैं। इन योजनाओं से ईंधन के लिए लकड़ी पर निर्भरता कम हुई है। महिलाओं के स्वास्थ्य पर धुंए से पड़ने वाले विपरीत प्रभाव से भी मुक्ति मिली है। इन योजनाओं की वजह से महिलाओं का जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है।