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हिमाचल: दूध खराब होने पर सचिव से मांगा स्पष्टीकरण, आनी में स्थानीय लोग करेंगे मिल्क चिलिंग प्लांट का काम
Wed, 27 Aug 2025 10:19 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 27 Aug 2025 10:19 AM IST
सार
मुख्यमंत्री ने यह जानकारी भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार की ओर से नियम 62 के तहत लाए गए ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के जवाब में दी।
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खड्ड में दूध बहाने का मामला।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आनी क्षेत्र दुग्ध उत्पादन में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आनी में मिल्क चिलिंग प्लांट का काम स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार की ओर से नियम 62 के तहत लाए गए ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के जवाब में दी। लोकेंद्र ने सरकार के ध्यान में लाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में दुग्ध चिलिंग प्लांट की तकनीकी खराबी से हजारों लीटर दूध बर्बाद हुआ है। इस कारण उसे नाले में फेंक दिया गया।
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इससे पहले कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि इसको लेकर समिति के सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया है। चंद्र ने कहा कि द शमशेर महादेव सहकारी समिति कराणा को 1,32,289 रुपये की कमीशन दी गई है। 18 अगस्त को बल्क कूलर मिल्क में खराबी आ गई। इस दौरान मेकेनिक को बुलाया गया, लेकिन वह प्लांट को ठीक नहीं कर पाया। दूध खराब न हो इसके चलते इस दूध को दुग्ध अभिशीतन केंद्र हरिपुर भेजा गया। वहां पर दूध की गुणवत्ता जांच के बाद पता चला कि दूध खराब हो गया।
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उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अधिक क्षमता वाला कूलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी द शमशेर महादेव सहकारी समिति कराणा में 2000 लीटर की क्षमता वाले बल्क कूलर दुग्ध प्रसंघ की ओर से चलाया गया है। मरम्मत और रखरखाव का काम समिति देखती है। इसके लिए समिति को 5 फीसदी कमीशन दी जाती है।
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