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हरीश रावत: समान नागरिक संहिता का मामला राष्ट्रीय, इसे लागू करने से कौन रोक रहा
Tue, 08 Nov 2022 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 08 Nov 2022 05:00 AM IST
सार
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मुद्दा विहीन भाजपा अब गुमराह करने में जुटी है। प्रदेश में सरकार बदलते ही 2024 में होने वाले परिवर्तन की नींव पड़ेगी।
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हरीश रावत
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि समान नागरिक संहिता का मामला राष्ट्रीय है। इसे लागू करने से केंद्र सरकार को कोई नहीं रोक रहा। केंद्र सरकार चाहे तो इसे लागू कर सकती है। जब भाजपा ने इस मामले को उठाया था, तब केंद्र सहित राज्यों में इनकी सरकारें नहीं थीं। अब सत्ता में आते ही इसको लेकर टालमटोल कर रहे हैं। कहा कि उत्तराखंड के चुनावों में भी भाजपा ने समान नागरिक संहिता लागू करने को कहा था, लेकिन अभी तक लागू नहीं किया। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी मामले पर लीपापोती कर रहे हैं।
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शिमला में पत्रकारों से बातचीत में रावत ने कहा कि मुद्दा विहीन भाजपा अब गुमराह करने में जुटी है। प्रदेश में सरकार बदलते ही 2024 में होने वाले परिवर्तन की नींव पड़ेगी। हिमाचल को इसके लिए देश भर में याद रखा जाएगा। विधानसभा चुनावों में अग्निपथ योजना और बढ़ती महंगाई मुख्य मुद्दा हैं। रावत ने उत्तराखंड में हुई हार को चूक बताते हुए हिमाचल से ऐसी गलती नहीं करने की अपील की। कहा कि उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश की राजनीति प्रभावित करती है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिकता के आधार पर मत विभाजन किया। उत्तराखंड में इस कारण कांग्रेस की हार हुई। उत्तराखंड के चुनावों के बाद परिस्थितियां बदली हैं।
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हिमाचल में कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस की नीति रही है कि जिस प्रदेश में सत्ता में होते हैं, वहां सिटिंग मुख्यमंत्री के नाम पर चुनाव लड़ा जाता है। जहां विपक्ष में होते हैं, वहां बहुमत प्राप्त होने के बाद विधायकों की बैठक में नेता को चुना जाता है। प्रदेश में कांग्रेस के पास कई योग्य नेता हैं। विधानसभा चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की नीतियों पर लड़ा जा रहा है। कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट है। भाजपा में गुटबाजी दिख रही है।
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