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Himachal News: हर जिले के चार-चार टीजीटी को एमएससी करवाएगा शिक्षा विभाग, 40 फीसदी वेतन भी दिया जाएगा
Fri, 30 Jan 2026 06:00 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 30 Jan 2026 06:00 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग हर जिले से चार-चार प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों (टीजीटी) को एमएससी करवाएगा। सरकार की सात अगस्त 2024 की अधिसूचना के तहत चयनित अध्यापकों को अध्ययन अवकाश के दौरान 40 फीसदी वेतन मिलेगा। पढ़ें पूरी खबर...
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शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विज्ञान शिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 के दौरान हर जिले से चार-चार प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों (टीजीटी) को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में एमएससी करवाने का फैसला किया गया है।
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इस योजना का उद्देश्य माध्यमिक स्तर पर विषय में दक्ष और उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले शिक्षक तैयार करना है। एमएससी कोर्स के लिए आवेदन गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और जीव विज्ञान विषयों में आमंत्रित किए गए हैं। शिक्षक अपने विकल्प के आधार पर केवल एक ही विषय में आवेदन कर सकेंगे।
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स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि निर्धारित प्रपत्र पर भरे गए आवेदन ही मान्य होंगे। 20 अप्रैल 2026 के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। सभी आवेदन संस्था प्रमुख के माध्यम से संगम पाठशाला द्वारा ही निदेशालय को भेजने होंगे। सरकार की सात अगस्त 2024 की अधिसूचना के तहत चयनित अध्यापकों को अध्ययन अवकाश के दौरान 40 फीसदी वेतन मिलेगा। हालांकि इस अवधि में वेतन वृद्धि देय नहीं होगी और विश्वविद्यालय की फीस व अन्य शैक्षणिक खर्च अध्यापकों को स्वयं वहन करने होंगे। कोर्स पूरा होने के बाद सभी सामान्य सेवा लाभ दोबारा देय होंगे। उन्होंने कहा कि निदेशालय की ओर से एमएससी करवाने के लिए आवेदन करने वालों के बीएससी (मेडिकल/नॉन मेडिकल/गणित) में न्यूनतम 50 फीसदी औसत अंक अनिवार्य होने चाहिए।
31 मार्च 2026 को आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। पिछले तीन वर्षों की एसीआर उत्तम टिप्पणी सहित होनी चाहिए। टीजीटी पद पर नियमित नियुक्ति होनी चाहिए, जिसकी पुष्टि सेवापुस्तिका से की जाएगी। निदेशालय की अंतिम वरिष्ठता सूची में नाम होना जरूरी रहेगा। उन्होंने बताया कि चयन वरिष्ठता और विकल्प के आधार पर होगा। प्रत्येक जिले से केवल चार पात्र उम्मीदवारों का चयन होगा। एमएससी में प्रवेश नॉन-सब्सिडाइज्ड/पेड सीट के तहत होगा। एमएससी की योग्यता के आधार पर उच्च वेतनमान या पदोन्नति का दावा स्वीकार नहीं होगा।
विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक व फीस संबंधी नियमों का पालन अनिवार्य तौर पर करना होगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्कूलों में विज्ञान विषयों की अकादमिक मजबूती बढ़ेगी। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण मिलेगा।
विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक व फीस संबंधी नियमों का पालन अनिवार्य तौर पर करना होगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्कूलों में विज्ञान विषयों की अकादमिक मजबूती बढ़ेगी। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण मिलेगा।