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हिमाचल: मोतियाबिंद के ऑपरेशन में देश के पहले चिकित्सक बने डॉ. जगतराम
Sun, 13 Sep 2020 12:49 PM IST
Krishan Singh
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 13 Sep 2020 12:49 PM IST
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पीजीआई के निदेशक डॉ. जगतराम
- फोटो : अमर उजाला
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चिकित्सा विज्ञान में सबसे अधिक कठिन माने जाने वाले बच्चों की आंख के दस हजार से अधिक ऑपरेशन करने वाले पीजीआई के निदेशक डॉ. जगतराम देश में पहले स्थान पर आ गए हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी एक्सपर्ट स्केप ने मोतियाबिंद की सर्जरी के क्षेत्र में उन्हें विश्व में पांचवें, एशिया में तीसरे और देश में पहले स्थान की रैकिंग दी है।
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अहमदाबाद के डॉ. अभय देश में दूसरे स्थान पर रहे हैं। सिरमौर के पबियाना गांव में किसान परिवार में जन्मे डॉ. जगत पद्मश्री से भी सम्मानित हो चुके हैं। डॉ. जगतराम नेत्र रोग विशेषज्ञ से पीजीआई के निदेशक पद तक पहुंचे हैं। वे बच्चों के दस हजार से अधिक आंखों के ऑपरेशन कर चुके हैं। अब तक एक लाख से अधिक ऑपरेशन कर चुके हैं।
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डॉ. जगत राम ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर एक्सपर्ट स्केप नामक एजेंसी ने यह रैंकिंग की है। रैकिंग उनके लिए भी एक तरह से सरप्राइज रही। उन्हें बच्चो की सर्जरी के लिए ऑस्कर ऑफ पीडियाट्रिक ऑप्थोमेलॉजी अवार्ड भी प्राप्त हुआ है। वह करीब 41 वर्ष से पीजीआई में सेवाएं दे रहे हैं। नेत्र विभाग के एचओडी से लेकर निदेशक तक के पद के दौरान उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कीं।
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अब तक मोतियाबिंद की एक लाख से अधिक सर्जरी कर चुके हैं। बच्चों के दस हजार से अधिक ऑपरेशन कर उन्हें रोशनी देने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। बच्चों के ऑपरेशन के लिए डॉ. जगत को वर्ष 2013, 2016 और 2018 में अमेरिका में बेस्ट ऑफ बेस्ट अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।