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खेल: हिमाचल की बेटी पुष्पा राणा की कप्तानी में भारत फिर कबड्डी चैंपियन, मैराथन में सावन बरवाल ने जीता रजत
Sun, 27 Sep 2026 09:42 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, नागोया/शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, नागोया/शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 27 Sep 2026 09:42 AM IST
सार
Pushpa Rana Himachal Kabaddi Gold Sawan Barwal Marathon Silver Asian Games 2026: एशियाई खेल-2026 में भारत ने कबड्डी में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। हिमाचल की बेटी पुष्पा राणा की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया। वहीं मंडी जिले के जोगिंद्रनगर निवासी और भारतीय सेना में हवलदार सावन बरवाल ने मैराथन में 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक जीता। उन्होंने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड 22 सेकेंड से बेहतर किया।
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जश्न मनाती महिला टीम/पुरुष टीम को 9वीं बार स्वर्ण पदक
- फोटो : पीटीआई।
विस्तार
भारत ने कबड्डी में अपनी बादशाहत बरकरार रखते हुए एशियाई खेल-2026 में पुरुष और महिला दोनों वर्गों का स्वर्ण पदक जीत लिया। पुरुषों और महिलाओं दोनों ने ही फाइनल में ईरान को पटखनी दी। पुरुष टीम ने 9वीं बार एशियाई खेलों का स्वर्ण जीता, जबकि महिलाओं का यह लगातार दूसरा और कुल चौथा स्वर्ण पदक है।
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हिमाचल की बेटी पुष्पा राणा की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। खास बात यह है कि लगातार दूसरी बार भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तानी हिमाचल की बेटी ने की है। वर्ष 2022 के एशियाई खेलों में हिमाचल प्रदेश की ही रितु नेगी ने टीम की कमान संभाली थी।
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इस बार कप्तानी की जिम्मेदारी पुष्पा राणा के हाथों में थी। भारत ने महिला कबड्डी में 2010 में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2014, 2022 और अब 2026 में भी भारतीय महिला टीम चैंपियन बनी है। इस बार भारतीय टीम की एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि उसने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया। हिमाचल प्रदेश से टीम में कप्तान पुष्पा राणा के अलावा ज्योति ठाकुर, भावना और रितु नेगी शामिल रहीं। हालांकि, फाइनल मुकाबले में पूर्व कप्तान रितु नेगी को खेलने का मौका नहीं मिला।
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वहीं, पुष्पा, ज्योति और भावना की तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उधर, मैराथन में भारतीय सेना में हवलदार हिमाचल के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर निवासी धावक सावन बरवाल ने इतिहास रच दिया। उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकेंड का समय निकाल रजत पदक अपने नाम किया। यह उनके कॅरिअर की इस तरह की दूसरी मैराथन थी। उन्होंने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड 22 सेकंड से बेहतर किया।
भारत को 44 साल बाद मैराथन में सावन का पदक
सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में मैराथन का पदक जीतने के लिए भारत का 44 साल का लंबा इंतजार खत्म किया। उन्होंने 2:11:37 के समय के साथ रजत जीता।
शॉटपुट में तूर को रजत
एथलेटिक्स : पुरुष शॉटपुट में तजिंदरपाल सिंह तूर ने दूसरे स्थान पर रहकर रजत जीता।
महिला 400 मीटर दौड़ में प्राची ने कांस्य पदक जीता।
निशानेबाजी व स्क्वैश में भी पदक
निशानेबाजी : आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदर्शा विनोद ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3-पोजीशन टीम का रजत जीता।
स्क्वैश : मिश्रित युगल में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने कांस्य दिलाया।
सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में मैराथन का पदक जीतने के लिए भारत का 44 साल का लंबा इंतजार खत्म किया। उन्होंने 2:11:37 के समय के साथ रजत जीता।
शॉटपुट में तूर को रजत
एथलेटिक्स : पुरुष शॉटपुट में तजिंदरपाल सिंह तूर ने दूसरे स्थान पर रहकर रजत जीता।
महिला 400 मीटर दौड़ में प्राची ने कांस्य पदक जीता।
निशानेबाजी व स्क्वैश में भी पदक
निशानेबाजी : आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदर्शा विनोद ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3-पोजीशन टीम का रजत जीता।
स्क्वैश : मिश्रित युगल में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने कांस्य दिलाया।