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सियासत: सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी पर मोर्चा खोलेगी हिमाचल कांग्रेस
Wed, 20 Apr 2022 09:48 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 20 Apr 2022 09:48 PM IST
सार
प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि पांच महीने में तीसरी बार प्रदेश में सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी हुई है। हिमाचल में सीमेंट की एक बोरी का मूल्य 470 रुपये हो गया है।
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प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीमेंट के दामों में 35 रुपये तक बढ़ोतरी करने पर हिमाचल कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है। प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि पांच महीने में तीसरी बार प्रदेश में सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी हुई है। हिमाचल में सीमेंट की एक बोरी का मूल्य 470 रुपये हो गया है। पड़ोसी राज्यों में सीमेंट सस्ते दामों पर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सीमेंट के बढ़े दामों पर चुप बैठने वाली नहीं है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कुछ समय पहले सीमेंट कंपनियों से बात कर दाम कम करवाने की बात कही थी। बावजूद इसके करने के बजाय दाम में बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे साफ हो गया है कि कंपनियां सरकार की नहीं सुनती हैं। मनमानी से जब चाहे दामों में बढ़ोतरी कर देती हैं। राठौर ने कहा कि सरिया, स्टील के मूल्यों में भी 400 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। हालात यह हैं कि सरकार ने सब कुछ रामभरोसे छोड़ दिया है। बढ़ती महंगाई पर भाजपा सरकार गहरी नींद में सोई है। अब निर्माण सामग्री के बढ़ते मूल्यों से लोगों को अपना घर बनाने का सपना भी सरकार ने तोड़ दिया है।
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सीमेंट कंपनियां सरकारी नियंत्रण से बाहर: सुक्खू
वहीं, प्रदेश में सीमेंट के दाम 35 रुपये तक बढ़ने पर कांग्रेस विधायक और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार से सस्ती जमीन, रियायती बिजली और अन्य सुविधाएं लेने के बावजूद सीमेंट कंपनियां मनमानी पर उतारू हैं। बेलगाम हो चुकी कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई करने के बजाए सरकार चैन की नींद सोई हुई है।
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सीमेंट कंपनियां शुरू से ही सरकार के नियंत्रण से बाहर रही हैं। प्रदेश में इनके लिए कड़े नियम और शर्तें रखनी चाहिए, सीमेंट बनाने के लिए उद्योगों में खनिज संपदा भी प्रदेश की ही इस्तेमाल की जा रही है। प्रदेश में स्थापित सीमेंट उद्योग यहां के लोगों को महंगा सीमेंट दे रहे हैं, जबकि पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब में रेट कम हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह है कि वह हस्तक्षेप कर सीमेंट के बढ़े दामों को वापस कराएं।