पत्र बम के पीछे भाजपा के कुछ नेता, नहीं लडूंगा पार्टी की अंदरूनी लड़ाई: कुलदीप राठौर
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कांग्रेस पार्टी में जारी लंच डिप्लोमेसी और पत्र बम को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने तल्ख तेवर दिखाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि मेरी लड़ाई सत्तारूढ़ दल के साथ है। मैं कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई नहीं लडूंगा। हाईकमान के एजेंडे पर काम जारी रहेगा। अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में कुलदीप राठौर ने कहा कि पार्टी को कमजोर करने वालों पर हाईकमान की नजर है। पार्टी के कुछ नेताओं को संदेह है कि पत्र बम के पीछे भाजपा के कुछ नेता भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मैंने पार्टी के सभी पूर्व अध्यक्षों को पूरा सहयोग दिया है। पूर्व अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को राजनीति में आगे ही बढ़ाया है।
राठौर ने बेबाकी से अपनी बात रखते हुए कहा कि हैरानी है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखा गया पत्र मीडिया में जारी हुआ। इससे साफ है कि यह पत्र मीडिया में पार्टी की किरकिरी करने के लिए ही लिखा गया। पत्र में कई ऐसे नेताओं के नाम लिखे गए हैं, जो इससे इंकार भी कर रहे हैं। अगर किसी को कोई समस्या है तो वह मुझे बता सकते हैं। मुझसे बात नहीं करनी है तो पार्टी की प्रदेश प्रभारी या राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात कर सकते हैं लेकिन, मीडिया में पत्र जारी करना सीधे तौर पर अनुशासनहीनता है।
इसको लेकर पार्टी की अनुशासन कमेटी जांच कर रही है। शिमला में बीते दिनों हुई लंच डिप्लोमेसी में अगर उन्हें भी बुलाया जाता तो अच्छा लगता। बुलाना नहीं था तो इस बैठक में सामने आए सुझाव और आपत्तियों से तो अवगत करवाना ही चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने उनसे मुलाकात की, विधायक आशीष बुटेल ने फोन पर चर्चा की। अच्छा होता कि अन्य नेता भी संपर्क करते तो पार्टी की मजबूती के लिए मंथन किया जा सकता था।
पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर सहित सभी वरिष्ठ नेताओं को जनवरी में पत्र जारी कर नई कार्यकारिणी गठित करने के लिए सुझाव देने को पत्र जारी किया था। पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए उनके दरवाजे खुले हैं। कांग्रेस को मजबूत करना बहुत जरूरी है। पार्टी की वजह से ही हमारा मान सम्मान है। भाजपा की जनविरोधी नीतियों से जनता परेशान है। साल 2022 में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनना तय है। इसके लिए एकजुट होने की जरूरत है।