हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- सरकार ने 22 हजार परिवार बसाए, भाजपा अपना योगदान बताए
राज्य सरकार ने बिना केंद्र सरकार की सहायता के आपदा प्रभावितों के राहत और पुनर्वास के लिए 4,500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया। इससे हजारों आपदा प्रभावितों की मदद हुई है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से प्रदेश के 22 हजार से अधिक आपदा प्रभावित परिवारों को बसाने का कार्य किया है। राज्य सरकार ने बिना केंद्र सरकार की सहायता के आपदा प्रभावितों के राहत और पुनर्वास के लिए 4,500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज जारी किया। इससे हजारों आपदा प्रभावितों की मदद हुई है। भाजपा नेताओं को जनता के सामने अपना योगदान बताना चाहिए। हिमाचल के भाजपा नेता केंद्रीय मदद मिलने में लगातार अड़ंगे लगाते रहे, जिसके चलते हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए कोई भी विशेष पैकेज नहीं दिया गया है। बागी विधायकों को हिमाचल प्रदेश से बाहर महंगे फाइव स्टार होटलों में ठहराया जा रहा है। हेलिकाप्टर और चार्टर्ड प्लेन की सैर कराई जा रही है और उनकी सुरक्षा पर भी भाजपा भारी-भरकम पैसा खर्च रही है।
जब भी हिमाचल के हितों की बात आई। भाजपा नेताओं ने अपना हिमाचल विरोधी चेहरा दिखाया। प्रदेश की जनता अब भाजपा नेताओं से जवाब मांग रही है, लेकिन भाजपा से जवाब देते नहीं बन रहा है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान जब हिमाचल प्रदेश की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष राहत पैकेज देने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया तो भाजपा नेता चर्चा के दौरान तीन दिन तक बड़ी-बड़ी बातें करते रहे। जब वोटिंग की बारी आई तो हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ खड़े नहीं हुए। क्या ये लोग हिमाचल के हितैषी हो सकते हैं। वर्तमान राज्य सरकार कभी किसी राजनीतिक लाभ की मंशा से काम नहीं करती। हमारे कर्म में मानवता और सेवाभाव सर्वाेपरि है।
साधारण परिवार से निकलकर सीएम की कुर्सी पर पहुंचा : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर के पुनर्निर्माण के लिए सहायता राशि को 1.30 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपये, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे घरों के लिए सहायता राशि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये, दुकान या ढाबे के नुकसान पर सहायता राशि को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये और गोशालाओं को नुकसान होने पर सहायता राशि को 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया है। सरकार आपदा प्रभावितों को किराए के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में 5 हजार रुपये और शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान कर रही है। वह एक साधारण परिवार से निकलकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहुंचे हैं। भाजपा सिर्फ राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस सेवा भाव के साथ कार्य करने में विश्वास रखती है। भाजपा के आचरण को प्रदेश की जनता अच्छी तरह से देख रखी है और आने वाले में जनता भाजपा को सबक सिखाएगी।
प्रदेश की महिला शक्ति के सामने भाजपा की चाल, चरित्र बेनकाब : पठानिया
कांग्रेस सरकार के उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा महिलाओं की आर्थिक समृद्धि की राह का सबसे बड़ा रोड़ा हैं। वह नहीं चाहते हैं कि पात्र महिलाओं के हाथ में सीधा पैसा आए। उन्होंने कहा कि पूर्व जयराम सरकार ने अपने कार्यकाल में महिलाओं को ठगने का काम किया और अब उन्हें सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार से मिलने वाले अधिकार को रोकने में जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल की महिला शक्ति के सामने भाजपा की चाल, चेहरा और चरित्र बेनकाब हो चुका है।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बताएं कि भाजपा महिलाओं के 1500 रुपये क्यों रोकना चाहती है। विपक्षी दल के नेताओं को प्रदेश की महिलाओं का उत्थान क्यों पसंद नहीं आ रहा? प्रदेश भाजपा को जनता को बताना चाहिए कि बीते पांच साल हिमाचल की सत्ता में रहते महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए। कुछ समय पहले तक वह रोजाना महिलाओं को 1500-1500 रुपये देने की मांग करते आ रहे थे, अब सरकार ने जब पूरी योजना अधिसूचित कर दी है और अगले वित्त वर्ष के लिए 800 करोड़ रुपये के बजट का भी प्रावधान कर दिया है तो अचानक जयराम ठाकुर को क्यों इंदिरा गांधी प्यारी बहना सम्मान निधि योजना चुभने लगी है।
पठानिया ने कहा भाजपा की करनी और कथनी में अंतर है। विपक्षी दल प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत होते नहीं देखना चाहता। भाजपा महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक ही समझती है। सुक्खू सरकार लाखों पात्र महिलाओं को 1 अप्रैल से 1500 रुपये मासिक देने जा रही है तो भाजपा व नेता प्रतिपक्ष उसमें अड़ंगा डाल रहे हैं। जनता जान चुकी है कि भाजपा की नीयत में खोट है। आगामी लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव में महिलाएं भाजपा को करारा सबक सिखाएंगी।