हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, वर्ष 2030 तक आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य को वर्ष 2030 तक आत्मनिर्भर बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। पढ़ें पूरी खबर...
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य की आर्थिक दिशा को नई पहचान देने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विकास की धुरी के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को वर्ष 2030 तक आत्मनिर्भर बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक प्रगति उस अंतिम व्यक्ति की समृद्धि से मापी जाती है, जो कतार में सबसे पीछे खड़ा होता है। इस दृष्टिकोण के तहत सरकार केवल अनुदान नहीं दे रही, बल्कि ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार कर रही है, जहां ग्रामीण युवा कृषि और डेयरी को सम्मानजनक एवं लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाएं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था परिवर्तन की इस पहल का केंद्र दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में ऐतिहासिक वृद्धि है। सरकार ने गाय के दूध की खरीद मूल्य को 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का मूल्य 61 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया है। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता वाली देसी नस्ल की गाय को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने ए-2 दूध के लिए 100 रुपये प्रति लीटर का विशेष मूल्य निर्धारित किया है। किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने के लिए प्रोत्साहन राशि को 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके की यह राशि सीधे किसानों के खाते में पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने वित्तीय चुनौतियों के बीच अनुकरणीय पहल करते हुए अपनी 50 प्रतिशत वेतन राशि अगले छह महीनों तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। मंत्रियों और विधायकों ने भी क्रमशः 30 प्रतिशत और 20 प्रतिशत वेतन स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सामाजिक कल्याण के तहत मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना के माध्यम से राज्य के एक लाख जरूरतमंद परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और स्थायी आवास प्रदान किया जाएगा।