Himachal Cloudburst: समेज में लगाई जेसीबी, उतारे सेना के खोजी कुत्ते, लाइव डिटेक्टर डिवाइस से जिंदगी की तलाश
शिमला जिले के रामपुर में आने वाले समेज गांव में करीब 250 जवानों का रेस्क्यू दल लापता लोगों की तलाश में जुटा है। जेसीबी मशीन और सेना के खोजी कुत्ते भी सर्च ऑपरेशन में लगाए गए हैं।
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बादल फटने से बाढ़ की चपेट में आए समेज कस्बे से लापता लोगों का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया। करीब 250 जवानों का रेस्क्यू दल लापता लोगों की तलाश में जुटा है। शनिवार से जेसीबी मशीन और सेना के खोजी कुत्ते भी सर्च ऑपरेशन में लगाए गए हैं।
वहीं, मलबे के नीचे दबे लापता लोगों को ढूंढने के लिए लाइव डिटेक्टर डिवाइस का इस्तेमाल किया जा रहा है। गौर हो कि बुधवार देर रात को श्रीखंड में बादल फटने के कारण आई बाढ़ से समेज कस्बे में भारी तबाही मच गई थी। बाढ़ की चपेट में आने से करीब 27 मकान बह गए थे। इस आपदा में चार प्रवासी मजदूर, ग्रीनको समेज परियोजना के सात कर्मचारी, 22 स्थानीय लोगों सहित 36 लोग लापता हो गए हैं। अब जिला प्रशासन ने मलबा हटाने के लिए अतिरिक्त छह मशीनें मंगवाई हैं, जो रविवार से आपदा स्थल पर लापता लोगों की तलाश करेगी। परिजन भी तलाशी अभियान में जुटे रहे। बादल फटने से आए पानी और मलबे के कारण लापता लोगों को तलाश करना मुश्किल बना हुआ है।
एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि लापता हुए लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रविवार से सात मशीनें तैनात कर मलबे में लापता लोगों की तलाश की जाएगी। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि जब तक सर्च अभियान चलेगा, उक्त डिवाइस का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही स्निफर डॉग की सहायता भी ली जा रही है। वहीं रामपुर कोषाधिकारी कार्यालय भी रात 12 बजे तक खुला रहेगा।
क्या है लाइव डिटेक्टर डिवाइस
लाइव डिटेक्टर डिवाइस एक जीवन पहचान उपकरण है, जिसका उपयोग आपदाओं के बाद बचाव कार्यों के दौरान किया जाता है। वायरलेस या वायर्ड भूकंपीय सेंसर मलबे के नीचे जीवन के संकेतों का पता लगाते हैं और फिर पीडि़तों का सटीक तरीके से पता लग जाता है। यह जलरोधी संचार जांच प्रणाली है, जो 26 फीट केबल से लैस है। हल्का और कॉम्पैक्ट लीडर सर्च कंट्रोल बॉक्स डेढ़ घंटे की लाइफ वाली रिचार्जेबल बैटरी द्वारा संचालित होता है। एनडीआरएफ की टीम ने अस्थायी पुल का निर्माण कर सर्च ऑपरेशन खड्ड के दूसरी ओर भी शुरू कर दिया है। पानी का बहाव तेज होने से दो दिन से अस्थायी पुल निर्माण करने में दिक्कत पेश आ रही थी। टीम ने शनिवार सुबह से लेकर शाम तक खड्ड के दूसरे किनारे सर्च अभियान चलाया, लेकिन लापता लोगों के बारे सूचना पता नहीं चल पाई।
कुर्पण खड्ड में पांच लोगों की तलाश में जुटे 120 जवान
निरमंड उपमंडल के तहत आने वाली कुर्पण खड्ड में बुधवार मध्यरात्रि आई बाढ़ में लापता हुए लोगों की तलाश में तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी हा। सर्च ऑपरेशन टीम के करीब 120 जवान कुर्पण खड्ड के किनारे लापता हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक लापता हुए लोगों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि प्रशासन ने लोगों की आवाजाही के लिए कुर्पण खड्ड में बागीपुल और केदल में झूला पुल लगाए हैं। वहीं वन विभाग ने भी बागीपुल में पैदल पुलिया का निर्माण किया है।
कुर्पण खड्ड पर जल्द ही बेली पुल लगाने का कार्य भी शुरू होगा। बताते चलें कि कुर्पण खड्ड में बाढ़ आने के कारण बागीपुल, केदस और ढरोपा में भारी तबाही मची थी। बाढ़ की चपेट में आने से सात लोग लापता हो गए थे, जिनमें से दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए थे, जबकि पांच लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश में एसडीआरएफ, होमगार्ड, सीआईएसएफ, पुलिस, बटालियन और स्थानीय लोग जुटे हुए हैं। करीब 120 जवान कुर्पण खड्ड के चप्पे चप्पे पर लापता हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं।
विद्युत बोर्ड और जल शक्ति विभाग ने विद्युत और पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी है। एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने बताया कि करीब 120 जवानों की सर्च ऑपरेशन टीम लापता लोगों की खड्ड के किनारे तलाश कर रही है। केदल और बागीपुल में लोगों की आवाजाही के लिए झूले लगा दिए गए हैं। विद्युत और पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। जल्द तीन स्थानों पर बेली पुल लगाने का कार्य भी शुरू होगा।