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Himachal Cloudburst: बादल फटने की घटना के दो दिन बाद भी 44 लोग लापता, राजबन में दो शव और बरामद

Sat, 03 Aug 2024 09:23 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 03 Aug 2024 09:23 PM IST
सार

प्रदेश में छह जगह बादल फटने की घटना के दो दिन बाद भी 44 लोग लापता है। रामपुर के समेज में 36 लोग अभी लापता हैं। राजबन में तीन, बागीपुल में पांच लोग अभी लापता हैं।

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Himachal Cloudburst live updates: Search operation continues in Samej, Bagipul, Rajban for missing people
समेज में सर्च ऑपरेशन जारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में छह जगह बादल फटने की घटना के दो दिन बाद भी 44 लोग लापता है। रामपुर के समेज में 36 लोग अभी लापता हैं। राजबन में तीन, बागीपुल में पांच लोग अभी लापता हैं। मंडी के राजबन में तीन दिन पहले बादल फटने की घटना के बाद शनिवार को दो शव और बरामद किए गए। यहां अब तक सात शव मिल चुके हैं। इस तरह अब तक नौ शव बरामद किए जा चुके हैं। राजबन में 11 वर्षीय बच्ची अनामिका पुत्री शेष राम निवासी समालग का शव चट्टानों के बीच फंसा था। चट्टानें ब्लास्ट कर शव निकाला गया। दूसरा शव महिला का है, जिसकी अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। राजबन में अब तीन माह की दुधमुंही बच्ची समेत कुल तीन लोग लापता हैं। उन्हें भी ढूंढने के प्रयास किए जा रहे हैं। 

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समेज, बागीपुल, राजबन में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड जवानों की ओर से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। करीब 250 जवानों का रेस्क्यू दल लापता लोगों की तलाश में जुटा है। शनिवार से जेसीबी मशीन तैनात कर दी है। वहीं सेना के खोजी कुत्ते भी लगाए गए हैं। अब रविवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू होगा। शनिवार को एनडीआरएफ की टीम ने अस्थायी पुल का निर्माण करके सर्च ऑपरेशन खडड के दूसरी तरफ भी आरंभ  किया है। पानी का बहाव तेज होने से दो दिन से अस्थायी पुल निर्माण करने में दिक्कत पेश आ रही थी। टीम ने आज सुबह से लेकर शाम तक खडड के दूसरे किनारे सर्च अभियान चलाया, लेकिन लापता लोगों के बारे सूचना पता नहीं चल पाई।
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सुन्नी में 61 सदस्यीय सर्च ऑपरेशन टीम व समेज में जारी सर्च ऑपरेशन में 301 जवान शामिल हैं। इनमें एनडीआरएफ के 67, पुलिस के 69, आईटीबीपी के 30 जवान, आर्मी के 110 जवान और सीआईएसएफ के 25 जवान शामिल हैं। जबकि सुन्नी में चल रहे सर्च अभियान में एनडीआरएफ के 30, एसडीआरएफ 14, पुलिस 7 और होमगार्ड के 10 कर्मी तैनात हैं। गौर हो कि बुधवार देर रात को श्रीखंड में बादल फटने के कारण आई बाढ़ से समेज कस्बे में भारी तबाही मच गई थी। बाढ़ की चपेट में आने से करीब 27 मकान बह गए थे। इस आपदा में चार प्रवासी मजदूर, ग्रीनको समेज परियोजना के सात कर्मचारी, 22 स्थानीय लोगों सहित 36 लोग लापता हो गए हैं।
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अब जिला प्रशासन ने मलबा हटाने के लिए अतिरिक्त छह मशीनें मंगवाई हैं, जो रविवार से आपदा स्थल पर लापता लोगों की तलाश करेगी। हालांकि लापता हुए लोगों के परिजन भी दिनभर तलाशी अभियान में जुटे रहे। बादल फटने से आए पानी और मलबे के कारण लापता लोगों को तलाश करना मुश्किल बना हुआ है। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि बाढ़ में लापता हुए लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रविवार से सात मशीनें तैनात कर मलबे में लापता लोगों की तलाश की जाएगी।



मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की राहत राशि जारी
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के निर्देश पर पूरा प्रशासन राहत और बचाव अभियान में पहले दिन से लगा हुआ है। पांच मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की राहत राशि जारी कर दी गई है। प्रभावित परिवारों को राशन, मेडिकल किट और तिरपाल दिए गए हैं। नके ठहरने की व्यवस्था गांव में ही खाली घर पर की गई है। राजबन में एहतियात के तौर पर 25 घरों को खाली करवा दिया गया है। इन घरों में रहने वाले लोगों के ठहरने की व्यवस्था गांव में ही खाली घरों में की गई है।मलाणा परियोजना के पास बादल फटने के बाद मची तबाही से मलाणा गांव का संपर्क कट गया है।  उधर, लाहौल-स्पीति के तांदी में फंसे 80 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। 

समेज में सर्च ऑपरेशन में लाइफ डिटेक्टिंग डिवाइस का इस्तेमाल
समेज त्रासदी में एनडीआरएफ टीम ने मलबे के नीचे दबे लापता लोगों को ढूंढने के लिए लाइफ डिटेक्टिंग डिवाइस का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। शनिवार को प्रभावित क्षेत्र में लाइफ डिटेक्टिंग डिवाइस की सहायता सर्च ऑपरेशन में ली गई, लेकिन इससे भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। इसके साथ ही स्निफर डॉग भी सर्च ऑपरेशन का हिस्सा बनाए गए है ताकि सर्च ऑपरेशन की गुणवत्ता में और बढ़ावा हो सके। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि लाइफ डिटेक्टिंग डिवाइस की सहायता से मलबे के नीचे सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है कि मलबे के नीचे कोई दबा तो नहीं है, लेकिन अभी तक इससे भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। जब तक सर्च अभियान चलेगा उक्त डिवाइस का इस्तेमाल किया जाएगा।  वहीं रामपुर कोषाधिकारी कार्यालय भी अगले आदेशों तक हर रात को 12:00 बजे तक खुला रहेगा ताकि आपदा राहत कार्य प्रभावित न हो। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने यह आदेश जारी कर दिए है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे। लाइफ डिटेक्टिंग डिवाइस एक जीवन पहचान उपकरण है जिसका उपयोग आपदाओं के बाद बचाव कार्यों के दौरान किया जाता है। वायरलेस या वायर्ड भूकंपीय सेंसर मलबे के नीचे जीवन के संकेतों (कंपन) का पता लगाते हैं और फिर पीड़ितों का सटीक तरीके से पता लग जाता है। 


और मशीनरी लगाई जाएगी: विक्रमादित्य सिंह
 शनिवार को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी समेज पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावितों से भी मुलाकात की। विक्रमादित्य ने कहा कि घटनास्थल पर सर्च ऑपरेशन के लिए और मशीनरी को लगाया जाएगा।

कुर्पण खड्ड में लापता पांच लोगों की तलाश में जुटे 120 जवान
 निरमंड उपमंडल के तहत आने वाली कुर्पण खड्ड में बुधवार मध्यरात्रि आई बाढ़ में लापता हुए लोगों की तलाश में तीसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी हा। सर्च ऑपरेशन टीम के करीब 120 जवान कुर्पण खड्ड के किनारे लापता हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक लापता हुए लोगों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि प्रशासन ने लोगों की आवाजाही के लिए कुर्पण खड्ड में बागीपुल और केदल में झूला पुल लगाए हैं। वहीं वन विभाग ने भी बागीपुल में पैदल पुलिया का निर्माण किया है। कुर्पण खड्ड पर जल्द ही बेली पुल लगाने का कार्य भी शुरू होगा। बताते चलें कि कुर्पण खड्ड में बाढ़ आने के कारण बागीपुल, केदस और ढरोपा में भारी तबाही मची थी।

बाढ़ की चपेट में आने से सात लोग लापता हो गए थे, जिनमें से दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए थे, जबकि पांच लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश में एसडीआरएफ, होमगार्ड, सीआईएसएफ, पुलिस, बटालियन और स्थानीय लोग जुटे हुए हैं। करीब 120 जवान कुर्पण खड्ड के चप्पे चप्पे पर लापता हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं। विद्युत बोर्ड और जल शक्ति विभाग ने विद्युत और पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी है। एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने बताया कि करीब 120 जवानों की सर्च ऑपरेशन टीम लापता लोगों की खड्ड के किनारे तलाश कर रही है। केदल और बागीपुल में लोगों की आवाजाही के लिए झूले लगा दिए गए हैं। क्षेत्र में विद्युत और पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। जल्द ही तीन स्थानों पर बेली पुल लगाने का कार्य भी शुरू होगा।

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