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मुख्य संसदीय सचिवों ने ही फूंक डाला एक करोड़ रुपये का पेट्रोल
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Thu, 12 May 2016 11:04 AM IST
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तीन सालों में प्रदेश के आठ मुख्य संसदीय सचिवों ने पेट्रोल पर एक करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर दी।
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आर्थिक संकट से जूझ रहे हिमाचल मंत्रियों के साथ ही मुख्य संसदीय सचिव भी पेट्रोल पर भारी भरकम राशि खर्च करने में पीछे नहीं रहे। तीन सालों में प्रदेश के आठ मुख्य संसदीय सचिवों ने पेट्रोल पर एक करोड़ से अधिक की राशि खर्च कर दी। सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी को जिला परिषद सदस्य एवं आरटीआई एक्टिविस्ट संत राम ने सार्वजनिक किया है।
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खलवाहण वार्ड से जिला परिषद सदस्य संत राम कहना है कि प्रदेश सचिवालय से मुख्य संसदीय सचिवों के वाहनों से संबंधित जानकारी मांगी थी। आरटीआई में मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर और विनय कुमार ने 12-12 लाख रुपये से ज्यादा राशि का ईंधन अपने वाहन में भरवाया है। इसके अलावा नीरज भारती ने ईंधन पर करीब 11 लाख रुपये से ज्यादा राशि खर्च की है।
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सीपीएस आईडी लखनपाल ने करीब पौने दस लाख, मनसा राम ने करीब 9 लाख, जगजीवन पाल ने दो साल में करीब 7 लाख, नंद लाल ने करीब 8 लाख और रोहित ठाकुर ने पांच लाख रुपये की राशि का ईंधन भरा है। वाहन की मरम्मत के लिए नीरज भारती ने करीब 8 लाख, सोहन लाल ठाकुर ने छह लाख, जगजीवन पाल ने पौने छह लाख, विनय कुमार ने 5 लाख, नंद लाल ने साढ़े चार लाख, रोहित ठाकुर ने सवा चार लाख, आईडी लखनपाल ने पौने चार लाख और मनसा राम ने अढ़ाई लाख रुपये खर्च किए हैं।
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संत राम ने कहा कि आर्थिक संकट के बावजूद सरकार नुमाइंदे अपनी सुविधाओं पर भारी भरकम खर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि भी जनता से चुनकर आते हैं और विधानसभा सदस्यों की ही भांति जनता के लिए कार्य करते हैं। लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों व विधानसभा सदस्यों के बीच असमानता की खाई लगातार बढ़ती जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों को न तो सम्मानजनक मानदेय दिया जा रहा है और न ही अन्य सुविधाएं।