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हिमाचल: चंद्र कुमार बोले- लावारिस पशुओं के समाधान के लिए पंचायतों में होंगे सम्मेलन

Sat, 29 Nov 2025 10:32 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन (धर्मशाला)।
अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन (धर्मशाला)। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 29 Nov 2025 10:32 AM IST
सार

उन्होंने कहा कि जन भागीदारी के बिना बेसहारा गोवंश की समस्या का समाधान असंभव है। आने वाले समय में इस विषय पर सरकार दस से 15 पंचायतों का एक सम्मेलन करेगी

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Himachal: Chandra Kumar said – Conferences will be held in Panchayats to resolve the issue of stray animals.
कृषि और पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा है कि वोट प्रधान लावारिस छोड़े जाने वाले पशुओं के मालिकों को जुर्माना नहीं लगाते हैं। इससे आज यह समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जन भागीदारी के बिना बेसहारा गोवंश की समस्या का समाधान असंभव है। आने वाले समय में इस विषय पर सरकार दस से 15 पंचायतों का एक सम्मेलन करेगी, जिसमें विश्वविद्यालय, पशु चिकित्सक और पशुपालक, टीकाकरण की सफलता और समस्याओं पर चर्चा करेंगे। शुक्रवार को सदन में प्राइवेट मेंबर्स डे पर भाजपा विधायक सुखराम चौधरी के लाए संकल्प प्रस्ताव पर भाजपा के 8 और कांग्रेस के एक विधायक इस प्रस्ताव के समर्थन में बोले। इस संकल्प को बाद में वापस ले लिया गया। इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अपने जवाब में चंद्र कुमार ने कहा कि यह समस्या लोगों की ओर से खुद खड़ी की गई है।

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गोसदन बनाते रहना और जंगलों में बाड़े बनाना समस्या का समाधान नहीं हो सकता। राज्य में कुल 260 गोसदन हैं, जिनमें 15 गोसदन सरकारी क्षेत्र में तथा 245 निजी क्षेत्र में कार्यशील हैं। इनमें वर्तमान में 21,360 गोवंश को आश्रय प्रदान किया गया है। विपक्ष का यह कहना गलत है कि डेढ़ लाख गोवंश गोसदनों में है। लावारिस गोवंश की समस्या के निदान के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। पंजीकृत गोसदनों के संचालन के लिए अभी तक 71,92,18,484 रुपये व्यय किये जा चुके हैं। प्रदेश में 6 गोसदनों का निर्माण करवाया जा रहा है, जिनका निर्माण कार्य पूर्ण होते ही सड़कों पर घूम रहे गोवंश को चरणबद्ध तरीके से आश्रय प्रदान किया जाना है। पंजीकृत पशुओं को छोड़ने वाले पशुपालकों पर प्रथम अपराध के लिए 500 रुपये और द्वित्तीय और बाद के अपराध पर 700 रुपये जुर्माना का प्रावधान है।
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सरकार बनाए सख्ती नीति 
इस विषय पर भाजपा विधायक रीना कश्यप ने कहा कि लावारिस पशुओं का मामला काफी संवेदनशील है और सरकार को सख्त नीति बनानी चाहिए। भाजपा विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल पशु पशुओं के इलाज की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। नाचन से भाजपा विधायक विनोद कुमार ने कहा कि सरकार को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस गोसदनों का निर्माण करना चाहिए। बिलासपुर से भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि हिमाचल में प्रवेश करने वाले वाहनों की भी चेकिंग होनी चाहिए। जोगिंद्रनगर से विधायक प्रकाश राणा, नूरपुर से विधायक रणवीर सिंह निक्का, पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी, बैजनाथ से कांग्रेस विधायक किशोरी लाल और भरमौर से भाजपा विधायक डॉ. जनक राज ने भी लावारिश पशुओं की समस्या उठाई।

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