वित्त महकमे ने लगाई आपत्ति, कैबिनेट में जाएगा ये मामला
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सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने के नियमों पर वित्त महकमे ने आपत्ति लगा दी है। अतिरिक्त खर्च आने का हवाला देते हुए वित्त अधिकारियों ने शिक्षा विभाग के नियमों को मंजूर करने से इंकार कर दिया है। ऐसे में अब शिक्षा विभाग इन नियमों को मंजूर करवाने के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में ले जा रहा है। पुराने नियमों के तहत स्कूलों को अपग्रेड करना मुश्किल हो गया है।
ऐसे में शिक्षा विभाग ने नियमों में ढील देने का प्रस्ताव बनाया है। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की लगातार घटती संख्या के चलते स्कूलों को अपग्रेड करने के नियमों को बदला जा रहा है। पुराने नियमों के चलते बहुत कम स्कूल अपग्रेड होने की शर्तों को पूरा कर रहे हैं। इस समस्या के चलते शिक्षा विभाग ने स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए नियम नए सिरे से बनाए हैं।
शिक्षा विभाग के नए प्रस्ताव के तहत हाई स्कूल को अपग्रेड कर सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाने के लिए 60 बच्चों की शर्त को घटाकर 40 किया गया है। दो स्कूलों के बीच की पांच किलोमीटर की दूरी को भी घटाकर तीन किलोमीटर किया है। प्राइमरी से मिडल और मिडल से हाई स्कूल बनाने के नियमों में भी बदलाव किया गया है।
वर्तमान में प्राइमरी स्कूल को अपग्रेड कर मिडल बनाने के लिए पुराने स्कूल से तीन किलोमीटर की दूरी और पांचवीं कक्षा में 25 बच्चे होना जरूरी है। मिडल से हाई स्कूल के लिए तीन किलोमीटर की दूरी और 40 बच्चे जरूरी बताए गए हैं। इन नियमों के चलते वर्तमान में कई स्कूल अपग्रेड नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में इन नियमों में बदलाव करने का फैसला लिया गया है।