बाहरी राज्यों के लोगों को हिमाचल में नौकरी मिलना आसान नहीं, जानिए कैबिनेट के बड़े फैसले
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हिमाचल में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अब प्रदेश से बाहर के लोगों को आसानी से नौकरी नहीं मिल सकेगी। गुरुवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में इन श्रेणी के भर्ती नियमों को कड़ा करने का फैसला लिया गया है।
प्रदेश में अब तृतीय श्रेणी के पदों के लिए 10वीं-12वीं और चतुर्थ श्रेणी के लिए आठवीं और 10वीं की परीक्षा हिमाचल के स्कूलों से पास करना जरूरी होगा। ये शर्तें हिमाचल के मूल निवासियों पर लागू नहीं होंगी।
जिन भर्तियों की प्रक्रिया शुरू या पूरी हो चुकी है, उन्हें छोड़कर अब नई भर्तियों को संशोधित भर्ती नियमों के तहत ही किया जाएगा। बता दें कि जयराम सरकार में प्रदेश सचिवालय में विभिन्न पदों पर भर्तियां हुईं, जिनमें बिहार और झारखंड तक के अभ्यर्थी चयनित हो गए।
1500 से ज्यादा पद भरे जाएंगे
इसके अलावा सूबे में 1195 पटवारियों समेत विभिन्न विभागों में 1500 से ज्यादा पद भरने को भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने 1195 उम्मीदवारों का पटवारी प्रशिक्षण के लिए चयन का निर्णय लिया है। इनमें 933 उम्मीदवारों को मोहाल, जबकि 262 को बंदोबस्त का प्रशिक्षण मिलेगा। शिमला और कांगड़ा में बंदोबस्त विभाग में 17 चेनमैन का चयन कर प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद इन्हें पांच साल के भीतर चरणबद्ध तरीके से नियुक्ति दी जाएगी। जेएंडके में बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने कश्मीर से लगते चंबा और लाहौल-स्पीति जिले में तैनात साढ़े पांच सौ विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के मानदेय को 6000 रुपये से बढ़ाकर 7000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है।
कैबिनेट ने मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना के तहत परित्यक्त महिलाओं और विधवाओं को 18 वर्ष से कम आयु के दो बच्चों के पालन-पोषण के लिए प्रति बच्चा प्रति वर्ष सहायता राशि छह हजार रुपये कर दी है। प्रदेश में 25 हजार से ज्यादा महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही है। लाभ पाने के लिए इन महिलाओं की वार्षिक आय 35,000 से कम होनी चाहिए।
इस साल से पांचवीं और आठवीं में पास होना जरूरी
हिमाचल में नौ साल बाद फिर से पांचवीं एवं आठवीं कक्षा में परीक्षाएं पास करने पर ही विद्यार्थियों को अगली कक्षा में भेजने की व्यवस्था शुरू हो गई। मंत्रिमंडल ने चालू शैक्षणिक सत्र से ही 5वीं और 8वीं कक्षा में परीक्षाएं लेने को मंजूरी दे दी है।
स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं मुहैया करवाएगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम संशोधित 2019 को सूबे में लागू करने की संस्तुति की है।
वर्तमान में पहली से आठवीं कक्षा तक स्कूलों में असेसमेंट परीक्षा होती है। किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं किया जाता। पांचवीं और आठवीं में फेल होने वाले विद्यार्थी दो माह बाद फिर परीक्षा दे सकेंगे।
कांटेदार बाड़ लगाने पर मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी
मंत्रिमंडल ने लावारिस पशुओं और जंगली-जानवरों से फसलों के बचाव को कांटेदार तारों के बाड़ और लिंक चेन पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। सामूहिक रूप से किसान ऐसा करते हैं तो 70 फीसदी उपदान मिलेगा।