Himachal Cabinet: कर्मचारियों-पेंशनरों को सौगातें, न्यूनतम पेंशन हुई 9 हजार, ग्रेच्युटी 20 लाख, 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता
एक जनवरी 2016 से न्यूनतम पेंशन और पारिवारिक पेंशन 3500 रुपये प्रतिमाह से बढ़कर 9000 रुपये प्रतिमाह हो जाएगी। राज्य मंत्रिमंडल ने एक जनवरी 2016 से ग्रेच्युटी की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने को मंजूरी दी।
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हिमाचल प्रदेश के करीब पौने दो लाख पेंशनरों को जयराम मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों की तर्ज पर संशोधित पेंशन की सौगात दे दी है। पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को 1 जनवरी 2016 से इसका लाभ दिया जाएगा। इसी तिथि से न्यूनतम पेंशन और पारिवारिक पेंशन को 3,500 से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। एक फरवरी 2022 से इनके खातों में बढ़ी हुई पेंशन आएगी। पेंशनरों को 1,500 से 25,000 रुपये तक का मासिक फायदा होगा। पेंशनरों को 1 जुलाई 2021 से 31 फीसदी महंगाई राहत (डीआर) देने का निर्णय भी लिया गया है। यानी यह कर्मचारियों को दिए जा रहे महंगाई भत्ते (डीए) के बराबर होगी।
राज्य सचिवालय शिमला में सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 1 जनवरी 2016 से ग्रेच्युटी की सीमा को 10 से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। यानी जो कर्मचारी 1 जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं और जिनकी ग्रेच्युटी ज्यादा बनती है, उन्हें इसका एरियर मिलेगा। ऐसे करीब 43,000 पेंशनर हैं। ग्रेच्युटी से 10 लाख की कैप हटने का लाभ न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) कर्मचारियों को भी मिलेगा। एनपीएस कर्मचारियों को इन्वेलिड पेंशन और पारिवारिक पेंशन देने का निर्णय भी लिया गया है, जिस पर 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रदेश में 80 वर्ष से ज्यादा आयु के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को संशोधित पेंशन और पारिवारिक पेंशन पर देय अतिरिक्त लाभ भी दिए जाएंगे।
संशोधित पेंशन पर 1785 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय करेगी सरकार
संशोधित पेंशन का लाभ देने के लिए राज्य सरकार सालाना 1785 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय करेगी। प्रदेश सरकार ने पेंशनभोगियों को अंतरिम राहत के रूप में पहले ही 1450.44 करोड़ रुपये दिए हैं।