मंत्रिमंडल में जाएगी चीड़ पत्ती उद्योग की पॉलिसी, सरकार देगी वित्तीय सहयोग
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जयराम मंत्रिमंडल की बैठक में चीड़ पत्तियों पर आधारित उद्योग के लिए बनाई गई नीति को मंजूरी मिल सकती है। वन विभाग ने इस उद्योग के लिए एक नीति बनाई है जिसमें चीड़ की पत्तियों से विभिन्न उत्पाद तैयार करने वाली इकाइयों को लगाने में सरकार सहयोग देगी।
इसमें उन्हें वित्तीय सहयोग देने के अलावा जंगलों से इकट्ठा कर वन विभाग पत्तियां भी मुहैया कराएगा। इसके अलावा उनके उत्पादों को भी परिवहन पर टैक्स में छूट देने की तैयारी है।
विभाग ने यह प्रस्ताव ऐसे समय में सरकार को भेजा है, जब चीड़ के जंगल धू-धूकर जल रहे हैं। इस साल फायर सीजन शुरू होने से डेढ़ महीने में ही जंगल की आग की करीब 1700 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें डेढ़ करोड़ की वन संपदा भी जलकर राख हो चुकी है।
विभाग की जन जागरूकता से लेकर आग बुझाने तक की सारी कोशिशों के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। हाल में हुई बारिश के बाद भले ही विभाग को कुछ राहत मिली है लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
चूंकि इस बार की आग की घटनाएं उन इलाकों में नहीं हुईं, जहां फायर लाइन पूरी तरह साफ थी और चीड़ की पत्तियां समय से हटा ली गई थीं। ऐसे में यह साफ है कि चीड़ की पत्तियों के हटने से ही आग की समस्या खत्म हो सकती है।
इसी को देखते हुए विभाग ने नए सिरे से सरकार को यह प्रस्ताव भेजा है। सूत्रों का कहना है कि इस बार की मंत्रिमंडल की बैठक में चीड़ पत्ती उद्योग की पॉलिसी को मंजूरी मिल सकती है।