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हिमाचल में अब मनमाने दाम नहीं वसूल सकेंगे कारोबारी, 30 अप्रैल तक बढ़ाईं शक्तियां
Wed, 24 Feb 2021 06:59 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 24 Feb 2021 06:59 PM IST
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परांठा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन को खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर नियंत्रण की शक्तियां दे दी हैं। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कंट्रोल ऑर्डर जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी निरोधक आदेश 1977, प्रदेश वस्तु मूल्यांकन एवं प्रदर्शन आदेश 1777 और प्रदेश व्यापारिक वस्तुएं आदेश 1981 को 30 अप्रैल, 2021 तक बढ़ा दिया है। इसकी अवधि 31 दिसंबर, 2020 को खत्म हो गई थी।
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खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से यह मामला कैबिनेट बैठक में लाया गया था। दुकानदारों की ओर से खाद्य सामग्रियों के मनमाने दाम वसूलने के मामले को अमर उजाला ने 17 फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें कहा गया था कि जिला शिमला प्रशासन ने सामान्य खाने की थाली के दाम 70 रुपये तक तय किए हैं और मौजूदा समय में ढाबा मालिक 90 से 120 रुपये वसूल रहे हैं।
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कुलचे-भटूरे की एक प्लेट 50 की जगह 60 रुपये में बिक रही है। 10 रुपये की जगह चाय और समोसे के 15-15 रुपये लिए जा रहे हैं। सब्जियों की कीमत से भी प्रशासन का नियंत्रण हटा दिया है। सब्जी विक्रेता मनमाने दाम वसूल रहे हैं। सरकार के नुमाइंदे कहते हैं कि जब तक उपायुक्त रिन्यू करने के लिए प्रस्ताव नहीं भेजेंगे, तब तक पुरानी व्यवस्था लागू करने के निर्देश नहीं दे सकते।
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