फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal cabinet expansion importance give to shimla and solan district by Sukhvinder sukhu government

Himachal Cabinet: 10 सीटें दिलाने वाले कांगड़ा जिले को पहली सूची में नहीं मिली तवज्जो

Mon, 09 Jan 2023 11:10 AM IST
अरविन्द ठाकुर धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 09 Jan 2023 11:10 AM IST
सार

शिमला जिले से तीन मंत्री और एक सीपीएस बनाया गया है। सोलन जिले से एक मंत्री और दो सीपीएस बनाए गए हैं। कांगड़ा जिले से महज एक मंत्री और दो सीपीएस बनाए गए हैं।

विज्ञापन
himachal cabinet expansion importance give to shimla and solan district by Sukhvinder sukhu government
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मंत्रिमंडल की पहली सूची में कांगड़ा जिले को तवज्जो नहीं मिली है। सरकार चुनने के एक माह बाद मंडी और बिलासपुर जिले को भी अभी तक मंत्रिमंडल से बाहर रखा गया है। वहीं, शिमला और सोलन जिले को खास तरजीह दी गई है। कांगड़ा जिले से महज एक मंत्री और दो सीपीएस बनाए गए हैं। पिछली जयराम और वीरभद्र सरकार में कांगड़ा से तीन मंत्री हमेशा रहे हैं। सुक्खू सरकार में कांगड़ा के बजाय जिला शिमला को ज्यादा तवज्जो दी है।

विज्ञापन


शिमला जिले से तीन मंत्री और एक सीपीएस बनाया गया है। सोलन जिले से एक मंत्री और दो सीपीएस बनाए गए हैं। कांगड़ा जिले से 15 में से 10 सीटें कांग्रेस ने जीती हैं। इसके बावजूद पहली सूची में इस जिले से मात्र एक मंत्री चंद्र कुमार और किशोरी लाल, आशीष बुटेल को सीपीएस बनाया है। कांगड़ा जिले की अनदेखी करने से लोगों में मायूसी है। वहीं, जिला शिमला में आठ में से सात सीटें कांग्रेस की झोली में आई हैं।
विज्ञापन


इस जिले से रोहित, अनिरुद्ध और विक्रमादित्य को मंत्री, जबकि मोहन लाल ब्राक्टा को सीपीएस बनाया गया है। इससे पहले नरेश चौहान को कैबिनेट रैंक का दर्जा देते हुए मुख्यमंत्री का राजनीतिक सलाहकार बनाया गया है। जिला सोलन में पांच में से चार सीटें जीतने का इनाम एक मंत्री और दो सीपीएस के पद देकर दिया गया है। इस जिले से धनीराम शांडिल को मंत्री और रामकुमार व संजय अवस्थी को सीपीएस बनाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला मंडी और बिलासपुर से जीते एक-एक विधायक चंद्रशेखर और राजेश धर्माणी को भी बड़ा पद मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। जिला चंबा को विधानसभा अध्यक्ष का पद, कुल्लू जिले से सुंदर सिंह ठाकुर को सीपीएस, किन्नौर से जगत सिंह नेगी और सिरमौर से हर्षवर्द्धन चौहान को मंत्री बनाकर राजनीतिक संतुलन बैठाया गया है।

हालांकि, हमीरपुर जिले से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू खुद हैं, लेकिन पिछले चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल को हराने वाले राजेंद्र राणा भी मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे थे। उन्हें भी पहली सूची में निराशा हाथ लगी है। उधर, कांगड़ा से पहली सूची में दो मंत्री पद पक्के माने जा रहे थे, लेकिन ऐन मौके पर सुधीर शर्मा का पत्ता कटने से भी कांगड़ा के लोग नाराज हैं। अब देखना यह है कि दूसरी सूची में तीन मंत्री पद और एक उपाध्यक्ष पद में कांगड़ा जिले को कितनी तवज्जो मिलती है।  


हमीरपुर और ऊना से हैं मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू हमीरपुर और उप मुख्यमंत्री जिला ऊना से हैं। ऐसे में इन दोनों जिलों से मंत्री और सीपीएस नहीं बनाए गए हैं। 

मंडी और बिलासपुर में दिया राजनीतिक संदेश 
सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने जिला मंडी और बिलासपुर को एक राजनीतिक संदेश दिया है। मंडी जिले की 10 सीटों में से 9 सीटें भाजपा, जबकि एक सीट पर कांग्रेस जीती है। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का बिलासपुर गृह जिला है। दोनों जिलों से न तो कोई मंत्री और न ही सीपीएस बनाए गए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed