कैबिनेट बैठक में इस भर्ती पर निर्णय न होने से हजारों युवाओं की उम्मीदों पर फिरा पानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयराम सरकार की धर्मशाला में हुई कैबिनेट बैठक में इस भर्ती को लेकर फैसला नहीं हो सका। विधानसभा चुनाव से पहले से अटकी कांस्टेबल के हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया पर शनिवार को भी फैसला नहीं हो सका।
कैबिनेट बैठक में सरकार यह निर्णय नहीं कर सकी कि इसकी प्रक्रिया को जारी रखा जाए या फिर नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया की जाए। जयराम सरकार के इस रवैये के बाद एक बार फिर हजारों युवाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
दरअसल, वीरभद्र सरकार के दौरान कांस्टेबल भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी। पचास हजार युवाओं ने लिखित परीक्षा पास की। इसके बाद इंटरव्यू में रिक्रूटों का चयन होना था, लेकिन सरकार के इंटरव्यू खत्म करने के एलान ने भर्ती प्रक्रिया में पेच फंसा दिया।
इस वजह से अटका था मामला
सरकार के आदेश के अनुसार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती में इंटरव्यू नहीं होने थे, लेकिन पुलिस की भर्ती जिस पुलिस एक्ट के तहत होती थी, उसमें इंटरव्यू का प्रावधान था। सरकार और एक्ट के आमने-सामने होने पर महकमे ने गृह विभाग से कानूनी राय मांगी।
विभाग ने भी एक्ट का हवाला देते हुए इंटरव्यू की व्यवस्था को जारी रखने का निर्णय किया। हालांकि, इस बीच चुनाव आचार संहिता लग गई और चुनाव आयोग ने इंटरव्यू प्रक्रिया पर रोक लगा दी। इसके बाद नई सरकार ने भी इंटरव्यू प्रक्रिया पर रोक लगा दी, लेकिन अब तक इस पर फैसला नहीं ले सकी है।