कैबिनेट का छात्रों को तोहफा, पढ़ें ये अहम फैसले
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हिमाचल के सभी तकनीकी, वोकेशनल और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में अब दाखिले के लिए कोटा तय कर दिया गया है। अब तय कोटे की यह व्यवस्था सैकड़ों शिक्षण संस्थानों पर लागू होगी।
वीरवार को सीएम वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। कैबिनेट ने यह व्यवस्था राज्य निजी तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों (प्रवेश नियमन और फीस निर्धारण) अधिनियम, 2008 की धारा 6 व 7 के तहत किया है।
तकनीकी विवि हमीरपुर से संबद्ध राज्य के सभी तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में स्नातकोत्तर और स्नातक कोर्स में प्रवेश के लिए सीटों के आवंटन और आरक्षण के मानदंडों को स्वीकृति प्रदान की गई।
अखिल भारतीय कोटे के लिए इतनी सीटें
कैबिनेट ने तकनीकी, व्यावसायिक और शिक्षण संस्थानों में कुल स्वीकृत सीटों में से 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटे से और 65 प्रतिशत सीटें हिमाचल प्रदेश राज्य कोटे के रूप में आरक्षित करने का निर्णय लिया है।
अप्रवासी भारतीयों के लिए सीटों में पांच प्रतिशत हिस्सा, जबकि केवल निजी संस्थानों में 15 प्रतिशत सीटें प्रबंधन से होंगी। साथ ही प्रदेश के लिए व्यापारियों के लिए वैट रिटर्न भरने के प्रोफार्मा में भी बदलाव किया गया।
कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश एयरो स्पोर्ट्स नियम, 2004 में संशोधन को भी अनुमति प्रदान की है। एयरो स्पोर्ट्स के इच्छुक संचालकों को जारी किए जाने वाले लाइसेंस की वैधता तकनीकी समिति की अनुशंसा के उपरांत अब एक वर्ष के बजाए तीन वर्ष होगी।
146 पद भरने को मंजूरी
मनरेगा के तहत सोशल ऑडिट यूनिट (एसएयू) स्टाफ की तैनाती और सोशल ऑडिट योजना तैयार करने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने मंडी जिले के कटोला में आवश्यक पदों सहित नये चिकित्सा खंड का सृजन और सिरमौर जिले के कालाअंब में अग्निशमन केंद्र खोलने को स्वीकृति प्रदान की। वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय शुरू करने को मानक निर्धारित करने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट ने उद्योग विभाग में प्रसार अधिकारियों के 10 पदों को भरने का निर्णय लिया। साथ ही पूर्व में स्वीकृत पुरुष कांस्टेबलों के 640 पदों में से 112 कांस्टेबल (चालक) और 24 कांस्टेबल (बैंड स्टाफ ) की सीधी भर्ती से भरने को अपनी स्वीकृति प्रदान की।
आयुर्वेदिक अस्पताल का नाम बदला
पपरोला स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अस्पताल का नाम बदलकर राजीव गांधी राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल करने का निर्णय लिया गया है।
अन्य फैसले
मंडी की निहरी और कांगड़ा के शाहपुर की दरीणी उप तहसील को तहसील किया जाएगा।
बिलासपुर के लुहारवीं, सिनहल गांव घुमारवीं नप में शामिल।
बंगाणा केंद्रीय विद्यालय के लिए सरकारी भूमि शिक्षा विभाग के नाम होगी।