फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal by elections:votes will be counted on seven tables, ceo c palrasu said in interview

उपचुनाव हिमाचल: 14 नहीं, सात टेबलों पर होगी वोटों की गिनती, सीईओ ने विशेष बातचीत में किया खुलासा

Fri, 29 Oct 2021 10:26 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 29 Oct 2021 10:26 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन करवाया जाएगा। इसी वजह से यह व्यवस्था की गई है। मतदान की तैयारियों और मतदान के बाद मतगणना को लेकर चुनाव आयोग की तैयारियों को लेकर अमर उजाला ने सीईओ से विशेष बातचीत की। पेश हैं बातचीत के कुछ अंश...

विज्ञापन
Himachal by elections:votes will be counted on seven tables, ceo c palrasu said in interview
हिमाचल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की मंडी संसदीय सीट और प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में इस बार 14 के बजाय सात टेबलों पर वोटों की गिनती होगी। कोविड-19 के चलते मतदान केंद्रों पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन करवाया जाएगा। इसी वजह से यह व्यवस्था की गई है। मतदान की तैयारियों और मतदान के बाद मतगणना को लेकर चुनाव आयोग की तैयारियों को लेकर अमर उजाला ने सीईओ से विशेष बातचीत की। पेश हैं बातचीत के कुछ अंश...

विज्ञापन


उपचुनाव प्रचार में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
सोशल मीडिया आयोग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। आचार संहिता के उल्लंघन से लेकर कर्मचारियों के राजनीतिक सक्रियता के नाममात्र के मामले आए, लेकिन सोशल मीडिया के दुरुपयोग और उससे जुड़ी शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। काफी मामलों को साइबर क्राइम पुलिस को जांच के लिए भी भेजा गया है। 
विज्ञापन


मतदान में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
पहली बार सभी मतदान केंद्रों के 50 फीसदी मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग की जाएगी। इससे जिला और प्रदेश स्तर पर संबंधित मतदान केंद्र पर हो रही हर गतिविधि पर नजर रखने में आसानी होगी। ट्रायल भी कर लिया गया है। सभी केंद्रों पर रैंडमाइजेशन साफ्टवेयर के जरिये कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


2019 में 75 फीसदी मतदान हुआ था, इस बार का लक्ष्य?
वैसे तो हमारी पूरी कोशिश है कि हर मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल करे। इसके लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। हर विस क्षेत्र के दो मतदान केंद्रों में मतदान प्रक्रिया से लेकर सुरक्षा का पूरा जिम्मा महिला कर्मचारी संभालेंगी। तीन मतदान केंद्रों को दिव्यांग कर्मचारी संभालेंगे। इसके जरिये कोशिश है कि महिलाओं और दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के लिए और प्रेरणा मिले। उम्मीद है कि 80 फीसदी से ज्यादा मतदान होगा। विशेष श्रेणी के मतदाताओं के लिए मोबाइल पोलिंग स्टेशन की व्यवस्था की गई है। 11 हजार से ज्यादा दिव्यांग और 80 वर्ष से ज्यादा आयु के मतदाता इस सुविधा का प्रयोग कर रहे हैं।

ईवीएम पर सवाल उठते हैं, लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए क्या कर रहे हैं?
ईवीएम को लेकर किसी के मन में कोई संदेह नहीं होना चाहिए। पहली बात यह है कि ईवीएम की सुरक्षा को अभेद्य रखा जाता है। इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ संभव ही नहीं है। शंका को बिल्कुल खत्म करने के लिए ही अब हर ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीन लगाई जा रही है, जिससे मतदाता देख सके कि उसका वोट किसे गया है। हर विधानसभा क्षेत्र के पांच-पांच मतदान केंद्रों की ईवीएम से वीवीपैट की पर्चियों की रैंडमाइजेशन के जरिये चुनाव कर गणना की जाएगी। सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय बलों के पास रहती है।

शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं?

Himachal by elections:votes will be counted on seven tables, ceo c palrasu said in interview
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू - फोटो : अमर उजाला

किसी भी मामले की शिकायत आने पर उसकी जांच जरूर कराई जाती है। जिन मामलों में विस्तृत रिपोर्ट की जरूरत है, उनमें समय लगता है लेकिन ज्यादातर मामलों की जांच के बाद आयोग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाती है। अब अगर किसी दल या नेता को यह लगे कि उसकी शिकायत पर कार्रवाई हो ही जाए तो यह संभव नही। रिपोर्ट के आधार पर ही आयोग निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई को लेकर फैसला लेता है।

कोविड में मतदान से लेकर मतगणना तक भीड़ नियंत्रण को लेकर क्या तैयारी है?
कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सिस्टम के साथ आम आदमी की भी जिम्मेदारी है। आयोग ने कोविड के चलते ही इस बार हर हजार मतदाता पर एक मतदान केंद्र बनाया है ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके। साथ ही मतदान केंद्र पर सैनिटाइजर, मास्क, दो गज की दूरी के लिए पहले ही निर्देश दिए गए हैं। मतगणना के लिए भी निर्णय लिया गया है कि पहले से इतर इस बार सात टेबल ही लगाए जाएंगे। चूंकि इस बार प्रत्याशी भी कम है तो पोलिंग एजेंट भी कम होंगे। परिणाम के बाद जश्न या जुलूस पर पहले ही प्रतिबंध लगाया गया है। कोविड मरीजों के लिए पांच से छह बजे के बीच मतदान की विशेष व्यवस्था की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed