सदन में पहले हंगामा, बात पता चली तो हंस पड़े सभी विधायक
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विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद प्राइवेट मेंबर्स डे के तहत नूरपुर के भाजपा विधायक राकेश पठानिया अपना विषय उठाने जा रहे थे कि इसी बीच कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी हाथ में दस्तावेज लहराते हुए सदन में खड़े हो गए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव ने उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी।
विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने अध्यक्ष से नेगी को अपनी बात रखने की पैरवी की। लेकिन अध्यक्ष ने इनकार कर दिया। ऐसे में विपक्ष ने सदन में हंगामा कर दिया। शोर-शराबे के बीच सत्ता पक्ष के सदस्य विपक्ष पर पलटवार करने लगे, लेकिन अभी तक किसी को यह पता नहीं था कि जगत सिंह नेगी आखिर क्या मामला उठाना चाह रहे हैं।
सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा के नियम और कानून पढ़ने शुरू कर दिए कि प्राइवेट मेंबर्स डे पर कोई अन्य मुद्दा उठा सकते हैं कि नहीं। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा - पहले नोटिस देना चाहिए था।
अन्य वक्ताओं ने भी गैर सरकारी सदस्य दिवस पर अपनी बात कहनी है। मैं प्रोटेस्ट के साथ ही बोलने की अनुमति देता हूं। ऐसे में सबकी नजरें जगत सिंह नेगी पर टिकी रहीं कि आखिर वह क्या मामला उठाना चाह रहे हैं। जगत सिंह नेगी ने कहा कि बीते दिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कर्ज लेकर पूर्व सरकार ने अय्याशी की है। इसे मीडिया में छापा गया है। बस इसे विधानसभा की कार्यवाही से हटाया जाए।
ऐसे में सत्ता पक्ष, विपक्ष और विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल हंस पड़े। सदन में कई सदस्यों ने कहा कि अगर यह बात थी तो इतना हल्ला करने की क्या जरूरत थी। ऐसे में बिंदल ने कहा कि अगर विधानसभा की कार्यवाही में यह शब्द आया होगा तो उसे हटा दिया जाएगा, मगर पहले उन्हें कार्यवाही को देखना होगा।