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बैठक में फैसला, इस बैंक के लिए 90 जूनियर क्लर्क भर्ती परीक्षा भी बोर्ड ही लेगा

Sat, 15 Jul 2017 08:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला Updated Sat, 15 Jul 2017 08:45 AM IST
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himachal board decision to recruit 90 clerk for state cooperative bank

हिमाचल प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के 90 जूनियर क्लर्क भर्ती की लिखित परीक्षा भी हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ही लेगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में चर्चा भी हुई है। शुक्रवार को स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष बलवीर तेगटा की अध्यक्षता में हुई बीओडी की बैठक में इन विषयों पर चर्चा हुई।

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बैठक में बोर्ड से परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए परीक्षा नियंत्रक के पद सृजित करने और तीन वर्षीय तकनीकी कोर्स/डिप्लोमा को जमा दो की कला संकाय की परीक्षा के समक्ष बिना शर्त समकक्षता के बारे भी विचार किया गया।
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बैठक में तकनीकी शिक्षा विश्वविद्यालय हमीरपुर के कुलपति एवं निदेशक राजेश्वर गोयल, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, पालमपुर कृषि विवि से अधिष्ठाता मनोज भार्गव, क्षेत्रीय केंद्र धर्मशाला निदेशक डॉ. डीपी वर्मा, इग्नू के संयुक्त निदेशक विद्या भगत
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नेगी, सहायक निदेशक उच्चतर शिक्षा डीडी कश्यप, लियूरेट पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य मीरा सिंह, सीता राम शास्त्री, रावमापा (छात्रा) मंडी के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह और सेवानिवृत्त अध्यापक सत्यपाल शर्मा आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

प्राइवेट स्कूल नहीं पढ़ा जाएंगे अन्य पुस्तकें

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अब प्रदेश में प्राइवेट स्कूल पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को मनमर्जी से पुस्तकें नहीं पढ़ा पाएंगे। यह मुद्दा शुक्रवार को बीओडी की बैठक में उठा। इसमें पहली से पांचवीं कक्षाओं तक राष्ट्रीय पद्धति के अनुसार एनसीईआरटी की ही पुस्तकें पढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।

पांच साल में पास नहीं की एसओएस की परीक्षा, तो लेनी होगी फिर एडमिशन
स्कूल शिक्षा बोर्ड की राज्य मुक्त विद्यालय के तहत होने वाली मिडिल, मैट्रिक और जमा दो करने के लिए पांच साल में मिलने वाले नौ अवसर में अभ्यर्थियों को परीक्षा क्लीयर करनी ही होगी। ऐसा न होने पर एनआईओएस की तर्ज पर दोबारा प्रवेश लेना पड़ेगा।

साल 2012 में स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एसओएस शुरू किया था। साल 2012 में परीक्षा के लिए मिडिल, मैट्रिक और जमा दो के तहत परीक्षा के लिए पंजीकृत हुए कई ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने अपने नौ अवसर पूरे होने पर भी परीक्षा पास नहीं की। इसके चलते अब ऐसे अभ्यर्थियों को फिर से प्रवेश लेना होगा।

इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
स्कूल शिक्षा बोर्ड की बीओडी की बैठक में 2017-18 के लिए वार्षिक बजट 122.44 करोड़ रुपये अनुमानित किया गया। इसके अलावा बोर्ड में शीघ्र जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 50 पद और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 11 पद भरने को स्वीकृति दी गई।

सीएडंवी अध्यापकों को परीक्षा केंद्रों में उप अधीक्षक की तैनाती करने पर स्वीकृति, बोर्ड के सेवानिवृत्त और सेवारत कर्मचारियों के लिए

चिकित्सा प्रति पूर्ति किए जाने के लिए सरकार को फिर से प्रस्ताव भेजने, बोर्ड की आवासीय कॉलोनी में रखरखाव के लिए प्रस्तावित बजट और प्रस्तुत प्राक्कलन को मंजूरी और शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए पाठ्यपुस्तक के मुद्रण और आपूर्ति करने के प्रबंधन का अनुमोदन किया गया।

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