हिमाचल: बगावत करने पर भाजपा ने तीन पदाधिकारी किए निलंबित, पवन चौधरी कांग्रेस सेवादल से निष्कासित
पंचायतीराज व शहरी निकाय चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे नेताओं पर भाजपा-कांग्रेस ने कार्रवाई की है।
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हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज व शहरी निकाय चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे नेताओं पर भाजपा-कांग्रेस ने कार्रवाई की है। कांगड़ा जिले में भाजपा ने जिला परिषद चुनाव में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने वाले तीन पदाधिकारियों पर कार्रवाई की है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और अनुशासनहीनता के चलते तीनों को उनके संगठनात्मक दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है। भाजपा के प्रदेश कार्यालय सचिव प्रमोद ठाकुर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और वरिष्ठ नेताओं के गहन परामर्श के बाद यह कड़ा फैसला लिया गया है। अनुशासन भंग करने के आरोप में अनुसूचित जनजाति मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष काहन सिंह, मंडल कार्यकारिणी सदस्य गुलवंत सिंह और किसान मोर्चा की मंडल कार्यकारिणी के सदस्य शमशेर सिंह शेरू पर यह कार्रवाई की है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि संगठनात्मक मर्यादा और अनुशासन सर्वोपरि है तथा पार्टी हित से ऊपर कोई भी व्यक्ति नहीं हो सकता। उधर, नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का ने कहा कि पार्टी के अधिकृत जिला परिषद प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव में खड़े इन तीनों पदाधिकारियों के खिलाफ मंडल स्तर पर एक निंदा प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश अनुशासन समिति और प्रदेश भाजपा हाईकमान को भेजा गया था। हाईकमान ने इसी प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए इन्हें पदमुक्त किया है। उधर, जिला भाजपा अध्यक्ष राजेश काका ने भी इस सख्त कार्रवाई को सही ठहराया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम जनता से भाजपा के अधिकृत उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील करते हुए दो टूक कहा कि संगठन में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भाजपा ने बागी नेता पर की अनुशासनात्मक कार्रवाई
चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के तहत जिला परिषद वार्ड नंबर-1 मुबारिकपुर से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने वाले पार्टी पदाधिकारी पर भाजपा ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। पार्टी प्रदेश नेतृत्व ने समर्थित प्रत्याशियों के विरोध में चुनाव लड़ने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार मुबारिकपुर वार्ड से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे राजीव कुमार को संगठनात्मक जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। वह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा में मंडल महामंत्री के पद पर कार्यरत थे। पार्टी नेतृत्व ने इस कार्रवाई को संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है।
पवन चौधरी कांग्रेस सेवादल से निष्कासित
वहीं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सेवादल ने भोरंज विधानसभा क्षेत्र के धमरोल गांव निवासी पवन चौधरी को तत्काल प्रभाव से संगठन की सदस्यता निष्कासित कर दिया है। कार्रवाई अनुशासन समिति की सिफारिश पर की गई है। प्रदेश कांग्रेस सेवादल के राज्य महासचिव संदीप बत्रा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पवन चौधरी पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने और संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप लगे हैं। समिति ने इन गतिविधियों को गंभीर मानते हुए उन्हें संगठन के सभी पदों से हटाते हुए निष्कासित करने का फैसला लिया। भोरंज ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय बन्याल ने कहा कि कांग्रेस सेवादल एक अनुशासित संगठन है और पवन चौधरी लंबे समय से कांग्रेस पार्टी, प्रदेश के मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी सहित भोरंज विधायक सुरेश कुमार के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं। वहीं, पवन चौधरी ने निष्कासन को ज्यादा महत्व नहीं देते हुए कहा कि वह प्रदेश कांग्रेस सेवादल में किसी पद पर नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब एक वर्ष पहले भी उन्हें संगठन से हटाया जा चुका है, इसलिए इस कार्रवाई से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।