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Himachal News: पेट्रोल-डीजल पर 5 रुपये तक सेस लगाने का विधेयक मंजूर, विधि विभाग ने जारी की अधिसूचना
Sun, 19 Apr 2026 09:34 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 19 Apr 2026 09:34 AM IST
सार
बजट सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर सेस लगाने वाले बिल को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। वहीं, अब सेस लगाने के विधेयक को लोकभवन से मंजूरी मिल गई है। पढ़ें पूरी खबर...
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर अधिकतम पांच रुपये तक सेस लगाने के विधेयक को लोकभवन से मंजूरी मिल गई है। शनिवार को विधि विभाग ने राजपत्र में इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। विधवाओं और अनाथों के कल्याण के लिए पैसा एकत्र करने को सरकार ने सेस लगाने का फैसला किया है।
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बजट सत्र के दौरान यह बिल पास हुआ था। विपक्ष के विरोध के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया था कि केवल सेस लगाने के अधिकार के लिए बिल लाए हैं। सरकार तय करेगी कि कितना सेस लगाना है। उन्होंने कहा था कि सेस न लगाने का फैसला भी ले सकते हैं। लोकभवन से मंजूरी के बाद इसके बारे में विचार होगा। विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अब आने वाले समय में तय हो जाएगा कि पेट्रोल और डीजल पर कितना सेस लगता है।
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मार्च में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर संशोधन अधिनियम-2026 को पारित किया गया था। इसमें जरूरतमंद वर्गों, विशेषकर विधवाओं एवं अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। एक्ट की धारा 6 क में संशोधन किया गया है कि राज्य में प्रथम विक्रय के बिंदु पर पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर प्रत्येक व्यापारी से अनाथ और विधवा उपकर अधिकतम पांच रुपये तक प्रति लीटर लिया जाएगा। सरकार की ओर से अधिसूचना के माध्यम से निर्धारित की गई जाने वाली दरों पर सेस संग्रहित किया जाएगा।
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इसके माध्यम से जुटाए जाने वाली धनराशि अनाथ और विधवा कल्याण निधि में जमा की जाएगी। विधेयक के उद्देश्यों और कारणों में बताया गया कि राज्य सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि इस फैसले से उपभोक्ताओं पर कोई अनावश्यक बोझ न पड़े।