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हिमाचल विधानसभा शीत सत्र: पर्यटन की संपत्तियां कौड़ियों के भाव देने के आरोप में विपक्ष का हंगामा, फिर वाकआउट

Tue, 14 Dec 2021 08:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, तपोवन (धर्मशाला)
अमर उजाला नेटवर्क, तपोवन (धर्मशाला) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 14 Dec 2021 08:49 PM IST
सार

 विपक्ष ने पर्यटन निगम की करोड़ों रुपयों की बेशकीमती संपत्तियों को कौड़ियों के भाव में निजी हाथों में देने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया और नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट भी कर दिया। पलटवार में मुख्यमंत्री की जगह कमान संभाल रहे वरिष्ठ मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने तो सत्ता में रहते हुए शिमला का वाइल्ड फ्लावर हाल तक बेच दिया था।

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Himachal assembly winter session: Opposition alleges selling tourism properties, walkout after uproar in the house
विपक्ष ने किया वाकआउट - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीत सत्र के चौथे दिन मंगलवार को भी तपोवन विधानसभा का तापमान कम नहीं हुआ। हाउस में गरमागरमी का माहौल बरकरार रहा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की गैर मौजूदगी में विपक्ष शुरू से ही सत्ता पक्ष पर आक्रामक रहा। विपक्ष ने पर्यटन निगम की करोड़ों रुपयों की बेशकीमती संपत्तियों को कौड़ियों के भाव में निजी हाथों में देने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया और नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट भी कर दिया। पलटवार में मुख्यमंत्री की जगह कमान संभाल रहे वरिष्ठ मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने तो सत्ता में रहते हुए शिमला का वाइल्ड फ्लावर हाल तक बेच दिया था। वहीं, विधानसभा से बाहर युवा कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ महंगाई पर मोरचा खोले रखा। इस दौरान पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई।

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इस मामले में भी विपक्ष ने लाठीचार्ज का आरोप लगाकर एक ही दिन में सदन से दूसरी बार वाकआउट कर दिया। वहीं, प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के जरिये सरकारी संपत्तियों को लेकर मुद्दा उठाया। आरोप लगाया कि सरकार ने एडीबी से 200 करोड़ का कर्ज लेकर चार संपत्तियां खड़ी की हैं और निजी क्षेत्र को औने-पौने दामों पर दे दी हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम हिमाचल को बेचना है। वाकआउट के बाद सदन के बाहर अग्निहोत्री ने कहा कि दो संपत्तियां मुख्यमंत्री के गृह जिले में बेची गई हैं। लीज की दरों के हिसाब से इन संपत्तियों का कुल मूल्य 100 वर्षों में भी रिकवर नहीं हो पाएगा। अगर पारदर्शी तरीके से टेंडर प्रक्रिया को अपनाया गया होता तो सरकार को करीब चार गुना ज्यादा राजस्व मिलता। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही हिमाचल को बेचने वाले इन सौदों को निरस्त किया जाएगा।
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इन संपत्तियों पर उठाए सवाल 
जंजैहली : 28 करोड़ की लागत से बना पर्यटन केंद्र
मंडी : 42 करोड़ रुपये का पर्यटन केंद्र
मनाली : बड़ाग्राम 47 करोड़ रुपये से बना पर्यटन केंद्र 
क्यारीघाट : 47 करोड़ रुपये से बना कन्वेंशन सेंटर 

पहले भी निशाने पर रहे हैं एक आईएएस
पर्यटन निगम की संपत्तियों को कैबिनेट की मंजूरी के बगैर ही अपने स्तर पर लीज पर देने का मामला एक बार पहले भी गरमा चुका है। उस वक्त राज्य सरकार के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सरकार के विरोधियों के निशाने पर थे। 
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वार्षिक फीस में प्रतिवर्ष की जाएगी पांच फीसदी वृद्धि  
विपक्ष के हंगामे के बीच जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि एडीबी से ग्रांट के रूप में एक बहुत बड़ा हिस्सा प्रदेश को मिलता है और कुछ हिस्सा प्रदेश सरकार को अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिन संपत्तियों को लेकर विवाद हो रहा है, उसमें वार्षिक फीस में प्रतिवर्ष पांच फीसदी की वृद्धि की जाएगी। 

 

कांग्रेस ने सत्ता में रहते बेच दिया शिमला का वाइल्ड फ्लॉवर हाल : महेंद्र सिंह

विपक्ष के हंगामे के बीच जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि जब विपक्ष के लोग सत्ता में थे तो शिमला की वाइल्ड फ्लावर हाल जैसी ऐतिहासिक प्रॉपर्टी को कौड़ियों के भाव बेच दिया। स्पष्ट किया कि एडीबी से ग्रांट के रूप में एक बहुत बड़ा हिस्सा किसी भी प्रदेश को मिलता है और कुछ हिस्सा प्रदेश सरकार को अपना खर्च करना पड़ता है। जिन संपत्तियों को लेकर विवाद हो रहा है, उसमें वार्षिक फीस में प्रतिवर्ष 5 फीसदी की वृद्धि की जाएगी। 

झूठ बोलकर गुमराह करने की कोशिश कर रहा विपक्ष: भारद्वाज
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विपक्ष के हंगामे पर कहा किस सदन में एक नई परंपरा शुरू कर दी गई है कि। यहां पर कुछ भी बोल दें और उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हो सकती है। विपक्ष झूठ बोलकर हिमाचल की जनता को गुमराह करना चाहता है। उनकी एक रैली होनी है, जिसमें उन्हें जाना था, इसलिए वे झूठ बोलकर सदन और आम जनता को गुमराह कर रहे हैं। कहा कि यूपीए सरकार में जो प्रधानमंत्री थे और जिन्हें बहुत बड़ा अर्थशास्त्री कहा जाता है, वही पीपीपी मोड का कांसेप्ट लाए थे। उसी कांसेप्ट के आधार पर प्रदेश सरकार काम कर रही है। जिस विषय पर आज हंगामा हो रहा है, उस पर कल सवाल लगा था। यदि विपक्ष के लोग प्रश्नकाल में शामिल होते तो उन्हें इस सवाल का जवाब मिल जाता। विपक्ष हर रोज वाकआउट कर रहा है और प्रदेश की जनता का करोड़ों रुपये बर्बाद कर रहा है।

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