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हिमाचल विधानसभा सत्र: लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि बंद करने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक

Wed, 29 Mar 2023 10:59 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 29 Mar 2023 10:59 PM IST
सार

विधानसभा में बुधवार को लोकतंत्र प्रहरी योजना के तहत सम्मान राशि बंद होने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक होती रही। इस मामले को उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपातकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश के कुछ लोग 19-19 माह जेल में रहे। 

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Himachal Assembly session: Ruling party and opposition clash over the closure of loktantra prahari samman rash
हिमाचल विधानसभा शिमला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को लोकतंत्र प्रहरी योजना के तहत सम्मान राशि बंद होने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक होती रही। इस मामले को उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपातकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश के कुछ लोग 19-19 माह जेल में रहे। इस पर स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने जयराम ठाकुर को कहा कि प्रश्नकाल समाप्त हो चुका है। आगे जब कानून-व्यवस्था पर चर्चा होगी तो ही इस पर वह बोल सकते हैं। सत्ता पक्ष की ओर से इसका विरोध किया गया। इस पर दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई और विपक्ष के सदस्य सदन में खड़े हो गए।

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जयराम जब बार-बार अपनी बात दोहराते रहे तो उन्हें स्पीकर की ओर से बोलने को कहा गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि जब 1975 में पूरे देश में इमरजेंसी लगा दी गई थी तो देश में नेता लोकतंत्र की बहाली के लिए लड़ रहे थे। उनको जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया। उस समय मीसा कानून के तहत बहुत सारे लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया। हिमाचल प्रदेश में ऐसे लोगों की संख्या लगभग 80 है। उनकी सरकार ने उनको 20 हजार रुपये और 12 हजार रुपये प्रति माह देने का प्रावधान किया।
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वह यह पूछना चाहते हैं कि इस याेजना को बंद करने की जरूरत क्या पड़ी और इससे सरकार पर कितना वित्तीय बोझ पड़ रहा था। क्या इस योजना को बहाल किया जाएगा। इस पर संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि इसका लाभ राजनीतिक और संपन्न लोगों को मिला। मीसा के तहत जेल गए लोग राजनीतिक थे। इनमें मंत्री, विधायक भी थे। यह कोई आंदोलन नहीं था। इस योजना में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। चहेतों और आरएसएस के लोगों को इसका लाभ दिया गया। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जब यह बिल आएगा तो इस पर वह जवाब देंगे।

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