हिमाचल विधानसभा: एक लाख युवाओं को रोजगार देने के मामले में गरमाया सदन, सीएम और नेता प्रतिपक्ष आमने-सामने
विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने दन में आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरी देने का वादा किया, लेकिन आज बेरोजगार सड़कों पर हैं।
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बजट भाषण पर चर्चा के दौरान मंगलवार को सदन खूब गरमाया। विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने दन में आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरी देने का वादा किया, लेकिन आज बेरोजगार सड़कों पर हैं। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस का जो घोषणापत्र है, उसमें एक लाख युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाने की बात कही गई है।
भाजपा विधायकों की ओर से झूठ बोला जा रहा है।इस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी की बात कही है। यह भी कहा गया कि पहली कैबिनेट में इसे पास कर दिया जाएगा। चिल्ला-चिल्लाकर कहा गया और दीवारों पर लिखा गया। मुख्यमंत्री जी, आप यह कह सकते हैं - मेरे से यह नहीं पूछा गया, मैं बाद में आया हूं।
जयराम ने सदन में युवाओं के रोजगार से संबंधी एक पृष्ठ दिखाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष एकदम गुस्से में आ जाते हैं। झट से खड़े हो जाते हैं। जैसे स्प्रिंग लगा हो। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष कागजों को सदन में रखकर रिकाॅर्ड में लाएं। जिसने ये झूठे कागज भेजे हैं व वीडियो भेजा है, उस पर भी करवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि ये कागज सदन में रखें। इस मामले की जांच होगी।
23 बिजली परियोजनाओं ने वाटर सेस के चुकाए 34.75 कराेड़
हिमाचल प्रदेश में 23 बिजली परियोजनाओं ने वाटर सेस चुका दिया है। आयोग के पास 15 जनवरी तक वाटर सेस के तौर पर 34.75 कराेड़ रुपये एकत्र हो गए हैं। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि जल विद्युत उत्पादन पर वाटर सेस के लिए राज्य आयोग की स्थापना की गई है। करीब 1.10 करोड़ रुपये का आयोग पर अभी तक व्यय हुआ है। इसमें से 70 लाख रुपये का वन टाइम व्यय कार्यालय भवन नवीनीकरण पर किया गया है। करीब 40 लाख रुपये की राशि अन्य मदों पर गत छह माह में व्यय हुई है। आयोग के अध्यक्ष के वेतन पर 6.93 लाख रुपये और तीन सदस्यों के वेतन पर 19.49 लाख रुपये व्यय हुए हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन पर 3.56 रुपये व्यय हुए हैं।
सुलह से भाजपा विधायक विपिन परमार ने बजट पर चर्चा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रदेश सरकार को घेरा। परमार ने कहा कि एनपीए बंद कर सरकार ने डॉक्टरों पर तलवार चलाने का काम किया है। सरकार को अपने फिजूल खर्चे कम करने चाहिए। प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में कैंसर के मरीजों का इलाज नहीं हो रहा। मरीज बाहरी राज्यों को रेफर किए जा रहे हैं। हिमकेयर योजना बंद है। कांगड़ा में विशेषज्ञ डाॅक्टर नहीं हैं, कांगड़ा से कांग्रेस के विधायक भी इस बात को मानेंगे। सुलह के थुरल अस्पताल में पहले विशेषज्ञ डॉक्टर थे, लेकिन अब गायब हैं। काल्पनिक दुनिया में जी रहे मुख्यमंत्री बजट में रोबोटिक सर्जरी की बात कर रहे हैं। प्रदेश में किडनी ट्रांसप्लांट भाजपा सरकार के समय शुरू हुआ, अब बंद है। स्वास्थ्य संस्थानों में शुगर और कैंसर सहित 65 दवाएं मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही थीं, अब यब सुविधा भी बंद है।
जो स्पीकर रहता है, वो ज्यादा नहीं बोलता
पंचायतों में विकास कार्य बंद हैं। 4 से 6 पंचायतों पर एक जेई है। यह कहकर कि ये परमार के बंदे हैं, कर्मचारियों के ट्रांसफर कर सुलह ब्लॉक खाली कर दिया गया है। सुक्खू सरकार हिमाचल को कमजोर कर रही है। जानू जी, आप भी कुछ बोलो, मुखर रहे हैं आपके पितापरमार ने कांग्रेस के नगरोटा बगवां से विधायक रघुवीर सिंह बाली (जानू) को संबोधित करते हुए कहा, जानू जी आपके पिता की पहचान मुखर नेता की थी, सुना है सरकार में आपकी भी बहुत चलती है। कांगड़ा को लेकर आप भी मुख्यमंत्री के सामने आवाज उठाओ। परमार ने जब निर्धारित समय के बाद भी अपना वक्तव्य खत्म नहीं किया और दो बार घंटी बजने पर भी बोलते रहे तो विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया बोले, जो स्पीकर रहा हो वह ज्यादा नहीं बोलता।